डिविडेंड और गवर्नेंस पर फोकस
Havells India के बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ, बोर्ड ने ₹6 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह अंतरिम डिविडेंड ₹4 को मिलाकर, फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 के लिए कुल डिविडेंड ₹10 प्रति शेयर हो जाता है।
ऑडिटर्स की लंबी अवधि के लिए नियुक्ति
कंपनी ने गवर्नेंस के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, M/s Price Waterhouse & Co LLP को अगले 5 साल की अवधि के लिए अपना स्टैचूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त किया है। ऑडिटर्स ने वित्तीय विवरणों पर एक क्लीन ऑडिट रिपोर्ट (Clean Audit Report) दी है, जो कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
बोर्ड में हुए बदलाव
कंपनी ने बोर्ड में कुछ अहम बदलावों की भी पुष्टि की है। वरुण बेरी (Varun Berry) को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है। वहीं, स्वास्थ्य कारणों और फिजिकल मीटिंग्स में शामिल होने में असमर्थता जताते हुए विवेक मेहरा (Vivek Mehra) ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है।
शेयरधारकों को रिटर्न का वादा
यह ₹6 का फाइनल डिविडेंड, शेयरधारकों को वैल्यू वापस करने की Havells India की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी, जो भारत के फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी है, आम तौर पर सालाना लगभग ₹10 प्रति शेयर का भुगतान करती है।
शेयरधारक आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड पर अपने वोट डालेंगे। वहीं, अगले पांच वर्षों के लिए कंसिस्टेंट फाइनेंशियल स्क्रूटिनी (Consistent Financial Scrutiny) सुनिश्चित करने के लिए M/s Price Waterhouse & Co LLP की ऑडिटर के रूप में पुनः नियुक्ति की गई है।
विवेक मेहरा जैसे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के जाने से बोर्ड की गतिशीलता और समितियों की संरचना पर असर पड़ सकता है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनी नए बोर्ड सदस्यों को कितनी सहजता से एकीकृत करती है।
Havells India, Bajaj Electricals, Crompton Greaves Consumer Electricals और Polycab India जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ एक डायनामिक मार्केट में प्रतिस्पर्धा करती है।
