FY26 में प्रदर्शन कैसा रहा?
Harsha Engineers ने फाइनेंशियल ईयर 2026 का अंत ₹1,444 करोड़ के मजबूत रेवेन्यू के साथ किया है। पिछले साल यानी FY25 में यह आंकड़ा ₹1,269 करोड़ था। कंपनी ने अपने प्रमुख सेगमेंट्स में शानदार प्रदर्शन दिखाया है। बुशिंग सेगमेंट (Bushing Segment) से ₹127 करोड़ का रेवेन्यू आया, जो 25% की ग्रोथ है। वहीं, जापानी ग्राहकों को हुई बिक्री ₹73 करोड़ रही, जिसमें 12% की बढ़ोतरी हुई। सोलर बिजनेस ने भी ₹183 करोड़ का रेवेन्यू और ₹10.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया।
ग्रोथ के नए इंजन और भविष्य की राह
कंपनी आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2027 में डबल-डिजिट टॉप-लाइन ग्रोथ का अनुमान लगा रही है, जिसमें इंडिया इंजीनियरिंग सेगमेंट से मिड-टीन्स ग्रोथ का लक्ष्य है। मैनेजमेंट का मानना है कि अगले 2 से 3 सालों में बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कॉस्ट कंट्रोल के चलते ईबीआईटीडीए मार्जिन 100-200 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ सकते हैं। विंंड गियरबॉक्स (Wind Gearboxes) में बेयरिंग से बुशिंग की ओर हो रहे बदलाव को एक बड़े नए बाजार अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
बिजनेस ऑपरेशंस और रणनीति
Harsha Engineers ऑटोमोटिव और सोलर जैसे सेक्टर के लिए प्रिसिजन बेयरिंग केज (Precision Bearing Cages) और मेटल स्टैंपिंग (Metal Stampings) बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है। कंपनी ने इंडिया के भायला (Bhayla) में अपनी तीसरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाया है। इसके अलावा, चाइना में स्टील केज प्रोडक्शन के ब्राउनफील्ड एक्सपैंज़न (Brownfield Expansion) का काम H2 FY28 तक पूरा हो जाएगा। कंपनी अपनी कोर बेयरिंग केज बिजनेस से अलग, स्टैंपिंग पर फोकस करने वाली अपनी Advantek यूनिट को भी बढ़ा रही है।
चुनौतियाँ और रिस्क
सकारात्मक प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। रोमानिया (Romania) की फैसिलिटी अभी भी घाटे में चल रही है, हालांकि मैनेजमेंट स्टील केज मिक्स को बढ़ाकर इसे सुधारने की कोशिश कर रहा है। यूरोप में लगातार बढ़ रही महंगाई, लुब्रिकेंट्स और प्लास्टिक जैसे इनपुट कॉस्ट को बढ़ा रही है। Advantek यूनिट में पॉजिटिव ईबीआईटीडीए तो है, लेकिन हालिया लोन के चलते हाई डेप्रिसिएशन (Depreciation) और इंटरेस्ट एक्सपेंसेस (Interest Expenses) के कारण FY26 में ₹11.4 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया।
आगे क्या देखना अहम होगा?
शेयरहोल्डर्स की नजरें चाइना में स्टील केज के ब्राउनफील्ड एक्सपैंज़न के सफल लॉन्च और ऑपरेशन पर होंगी। रोमानिया फैसिलिटी के टर्नअराउंड प्लान, जिसमें स्टील केज मिक्स को 30-35% तक बढ़ाने का लक्ष्य है, पर भी सबकी निगाहें होंगी। Advantek यूनिट की प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार, कैपेसिटी यूटिलाइजेशन बढ़ने और डेप्रिसिएशन/इंटरेस्ट के सामान्य होने की उम्मीदें कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होंगी। FY27 के लिए इंडिया इंजीनियरिंग सेगमेंट में मिड-टीन्स ग्रोथ और अगले 2-3 सालों में 100-200 बेसिस पॉइंट ईबीआईटीडीए मार्जिन विस्तार के लक्ष्य को हासिल करना, साथ ही सोलर बिजनेस की ग्रोथ, ये सभी प्रमुख माइलस्टोन साबित होंगे।
