Harsha Engineers International Ltd ने वित्त्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹1,626.79 करोड़ का शानदार कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और ₹155.20 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) हासिल किया है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से कंपनी की विदेशी सब्सिडियरीज की वजह से हुई है, जबकि कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में रेवेन्यू ₹1,228.20 करोड़ और PAT ₹53.17 करोड़ तक गिर गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ₹1.5 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह वित्त्तीय वर्ष 2024 के लिए ₹1.0 प्रति शेयर की सिफारिश से एक बढ़ोतरी है। इसके अलावा, कंपनी ने 'Harsha Engineers International Limited- Employee Stock Option Plan 2026' को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत 1.8 मिलियन स्टॉक ऑप्शन्स जारी किए जा सकते हैं। इसका मकसद कंपनी के टैलेंट को बनाए रखना और उन्हें प्रेरित करना है।
गवर्नेंस (Governance) के मोर्चे पर, बोर्ड ने M/s Mukesh M. Shah & Co. को अगले 5 सालों के लिए नया स्टैचुअरी ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त करने की सिफारिश की है, जो M/s Pankaj R. Shah & Associates की जगह लेंगे। साथ ही, 4 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को दूसरे 5 साल के टर्म के लिए फिर से नियुक्त किया गया है, जिससे बोर्ड की स्थिरता मजबूत हुई है।
Harsha Engineers प्रिसीजन बेयरिंग केज (Precision Bearing Cage) और इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स (Engineered Components) की एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरर है, जो भारत, चीन और रोमानिया जैसे बाजारों में अपनी सेवाएं देती है। FY26 में कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस (Consolidated Performance) में आई मजबूती, कंपनी की अंतर्राष्ट्रीय सब्सिडियरीज की अहमियत को दर्शाती है। यह FY25 के ट्रेंड से अलग है, जब स्टैंडअलोन ऑपरेशंस अधिक लाभदायक थे। निवेशकों की नजर कंपनी के स्टैंडअलोन परफॉरमेंस पर रहेगी, क्योंकि इसमें पिछले साल की तुलना में काफी गिरावट आई है। कंपनी ने यह भी बताया कि जनवरी 2024 में NCLT द्वारा एक इंसॉल्वेंसी याचिका (Insolvency Petition) खारिज कर दी गई थी।
कंपनी इंडस्ट्रियल और ऑटोमोटिव कंपोनेंट सेक्टर में Timken India, Schaeffler India और NRB Bearings जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। अपने खास बेयरिंग केज सेगमेंट में कंपनी की ग्लोबल मार्केट में 5-6% की हिस्सेदारी है।
