रेटिंग एजेंसी ने क्यों गिराई Hariyana Ship Breakers की साख?
Acuite Ratings & Research ने Hariyana Ship Breakers Limited (HSBL) के ₹25 करोड़ के लॉन्ग-टर्म बैंक फैसिलिटीज की रेटिंग को 'ACUITE BB+' से घटाकर 'ACUITE BB' कर दिया है। वहीं, ₹200 करोड़ की शॉर्ट-टर्म फैसिलिटीज की रेटिंग 'ACUITE A4+' पर बरकरार रखी गई है।
यह downgrade कंपनी के कमजोर फाइनेंशियल परफॉरमेंस का सीधा नतीजा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) और 2026 (FY26) में जहाजों की भारी कमी के चलते कंपनी के लिए नीलामी (dismantling) के लिए जहाज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इसी वजह से कंपनी का रेवेन्यू लगभग शून्य हो गया है और इस दौरान ऑपरेटिंग लॉसेस भी बढ़े हैं।
नतीजों पर गहरा असर: रेवेन्यू और मुनाफे में भारी गिरावट
कंपनी के नतीजों से यह स्थिति साफ दिखती है। FY25 में कंपनी का ऑपरेटिंग इनकम गिरकर सिर्फ ₹0.22 करोड़ रह गया, जबकि FY24 में यह ₹148.63 करोड़ था। इसी तरह, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी FY25 में घटकर ₹1.60 करोड़ पर आ गया, जो FY24 में ₹3.23 करोड़ था।
रियल एस्टेट में फंसे 94% नेट वर्थ: सबसे बड़ा जोखिम
HSBL के लिए एक और चिंताजनक बात यह है कि उसके नेट वर्थ का लगभग 94% रियल एस्टेट एसोसिएट कंपनियों में निवेशित है। यह भारी एक्सपोजर कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी को गंभीर रूप से सीमित करता है, खासकर तब जब कंपनी का मुख्य जहाज तोड़ने का बिज़नेस ही ठप्प पड़ा हो।
downgrade का मतलब और आगे की राह
रेटिंग में इस गिरावट का मतलब है कि लेंडर्स (lenders) के लिए कंपनी के लॉन्ग-टर्म डेट (debt) को लेकर जोखिम बढ़ गया है। इससे भविष्य में HSBL के लिए लोन लेना और महंगा हो सकता है या फिर क्रेडिट टर्म्स और सख्त हो सकते हैं।
हालांकि, शिप-ब्रेकिंग से लगभग शून्य रेवेन्यू के बावजूद आउटलुक को स्टेबल (stable) रखा गया है, लेकिन रियल एस्टेट एक्सपोजर एक बड़ा जोखिम बना हुआ है।
मुख्य जोखिम और वित्तीय स्थिति
- जहाजों की कमी के कारण FY26 तक ऑपरेशन्स कमजोर रहने की उम्मीद है।
- जहाज तोड़ने का काम जहाजों की उपलब्धता और स्टील की कीमतों पर निर्भर करता है।
- नेट वर्थ का 94% रियल एस्टेट में फंसा होना फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी कम करता है।
- ग्रुप की कंपनियों में किए गए बड़े निवेश आगे भी रेटिंग downgrade का कारण बन सकते हैं।
वित्तीय मोर्चे पर, FY25 में कंपनी की गियरिंग (gearing) 0.11x थी, जो उधार पर कम निर्भरता दिखाती है। इंटरेस्ट कवरेज 2.25x और DSCR 1.88x था। कंपनी पर ₹182 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज (contingent liabilities) भी हैं।
आगे क्या देखें?
- नीलामी के लिए जहाजों की उपलब्धता पर नजर रखें, जो बिज़नेस को फिर से शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण है।
- यह देखें कि कंपनी कम ऑपरेशन्स के इस दौर में अपनी फाइनेंस को कैसे मैनेज करती है।
- रियल एस्टेट एसोसिएट्स के प्रदर्शन और कैश फ्लो को ट्रैक करें, क्योंकि वे नेट वर्थ पर बड़ा प्रभाव डालते हैं।
