NCD पेमेंट में देरी, वजह लिक्विडिटी क्रंच
Harish Textile Engineers Limited ने 4 अप्रैल 2026 को शेयर बाजार को जानकारी दी कि उसने अपने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि के ब्याज का भुगतान कर दिया है। इसमें अप्रैल-सितंबर 2025 के लिए ₹7.42 लाख और अक्टूबर-दिसंबर 2025 के लिए ₹3.73 लाख शामिल हैं, यानी कुल ₹11.15 लाख का ब्याज चुकाया गया है।
2.11 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी पर संकट
हालांकि, कंपनी के लिए चिंता की बात यह है कि सीरीज III और सीरीज IV के NCDs का प्रिंसिपल अमाउंट अभी भी बकाया है। सीरीज III NCDs का रिडेम्पशन (भुगतान) 7 अक्टूबर 2025 को और सीरीज IV का 20 दिसंबर 2025 को ड्यू था, लेकिन कंपनी इन्हें चुकाने में नाकाम रही। इसके साथ ही, 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि का ब्याज भी अभी तक नहीं चुकाया गया है।
सीरीज III के लिए ₹0.6472 करोड़ और सीरीज IV के लिए ₹1.4679 करोड़ का प्रिंसिपल अमाउंट बकाया है, जिससे कुल ₹2.1151 करोड़ का भुगतान अटक गया है। कंपनी ने इस देरी के लिए मुख्य रूप से अपनी लिक्विडिटी (तरलता) की कमी को जिम्मेदार ठहराया है।
निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ी
यह स्थिति Harish Textile Engineers पर चल रहे वित्तीय दबाव को दर्शाती है। कुछ ब्याज का भुगतान करने के बावजूद, मूलधन और अतिरिक्त ब्याज का बड़ा अमाउंट ओवरड्यू (बकाया) होना NCD होल्डर्स के लिए अनिश्चितता को बढ़ा रहा है। Harish Textile Engineers लिमिटेड टेक्सटाइल प्रोसेसिंग मशीनरी बनाती है। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए पहले NCDs जारी किए थे।