पेनल्टी और बोर्ड की खाली सीट
Hardwyn India Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी एनुअल सीक्रेटरियल कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा कर दी है। इस रिपोर्ट में कंपनी की कुछ अहम गवर्निंग और कम्प्लायंस से जुड़ी दिक्कतें सामने आई हैं। कंपनी को मार्च 2025 तिमाही के लिए 8 दिन और सितंबर 2025 तिमाही के लिए 4 दिन की देरी से फाइनेंशियल रिजल्ट्स सबमिट करने की वजह से स्टॉक एक्सचेंजों से पेनल्टी झेलनी पड़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तिमाही के लिए कंपनी पर प्रति एक्सचेंज ₹35,400 का जुर्माना लगाया गया। वहीं, सितंबर 2025 तिमाही के लिए यह पेनल्टी प्रति एक्सचेंज ₹17,700 रही।
SEBI के नियमों का उल्लंघन?
सिर्फ पेनल्टी ही नहीं, Hardwyn India फिलहाल SEBI के बोर्ड कम्पोजीशन (Board Composition) के नियमों का भी पालन नहीं कर पा रही है। बोर्ड में एक डायरेक्टर की कमी होने के कारण कंपनी नॉन-कम्प्लायंट (Non-compliant) हो गई है। कंपनी इस खाली पड़ी डायरेक्टर की सीट को भरने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। SEBI के नियमों के तहत लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में एक तय संख्या में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) का होना ज़रूरी है, ताकि कंपनी के फैसलों और ओवरसाइट (Oversight) में पारदर्शिता बनी रहे।
कंपनी की अन्य जानकारी
हाल ही में मार्च 2026 में कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी और कम्प्लायंस ऑफिसर ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद एक नए ऑफिसर की नियुक्ति की गई। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में प्लान किए गए प्रीफरेंशियल शेयर इश्यू (Preferential Share Issue) के आवेदन को भी वापस ले लिया था। इसके अलावा, प्रमोटर्स (Promoters) ने पुष्टि की है कि 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में उनके किसी भी शेयर को प्लेज (Pledge) नहीं किया गया था, जो कंपनी में प्रमोटर्स के मजबूत विश्वास को दर्शाता है। कंपनी 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) की श्रेणी में भी नहीं आती है।
आगे क्या?
Hardwyn India को जल्द से जल्द एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति करके SEBI के नियमों का पालन करना होगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी पेनल्टी से बचने के लिए सभी रेगुलेटरी डॉक्यूमेंट्स को समय पर फाइल करना सुनिश्चित करना होगा। निवेशकों की नजर कंपनी की कम्प्लायंस प्रक्रियाओं में सुधार पर रहेगी।
