क्या है कंपनी की नई योजना?
यह रीस्ट्रक्चरिंग प्लान HEG के ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बिज़नेस को एक नई इकाई, HEG Graphite Limited में अलग करने का प्रस्ताव देता है। वहीं, कंपनी की मौजूदा पावर एसेट्स और Bhilwara Energy Limited का डीमर्जर (demerger) HEG Limited के साथ होगा, जिसे बाद में HEG Greentech Limited नाम देने का सुझाव है।
इस बंटवारे का मकसद
इस अलगाव का मुख्य उद्देश्य ग्रेफाइट और ग्रीन एनर्जी बिज़नेस, दोनों के लिए केंद्रित मैनेजमेंट (focused management) तैयार करना है। माना जा रहा है कि इससे वैल्यू अनलॉक हो सकती है और अलग-अलग ग्रोथ के रास्ते खुल सकते हैं। साथ ही, कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों को कम करने की भी कोशिश है।
HEG और Bhilwara Energy की पृष्ठभूमि
HEG Limited भारत में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड का एक प्रमुख निर्माता है और दुनिया के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड प्लांट्स में से एक का संचालन करती है। कंपनी कैप्टिव पावर और एडवांस बैटरी मटेरियल का भी उत्पादन करती है। Bhilwara Energy Limited मुख्य रूप से विंड और हाइड्रो एसेट्स के जरिए बिजली उत्पादन करती है; HEG की BEL में 49% हिस्सेदारी है।
आगे क्या होगा?
यह रीस्ट्रक्चरिंग भारत के कंपनी अधिनियम (Companies Act) के तहत NCLT के 26 मार्च, 2026 के आदेश के बाद आगे बढ़ रही है। अगले मुख्य चरणों में क्रेडिटर्स की मंजूरी और उसके बाद NCLT की अंतिम मंजूरी शामिल है।
अगर मंजूरी मिली तो मुख्य बदलाव
यदि यह योजना स्वीकृत हो जाती है, तो HEG के ग्रेफाइट ऑपरेशंस HEG Graphite Limited में चले जाएंगे। Bhilwara Energy Limited का विलय HEG Limited (जो HEG Greentech बनेगी) के साथ होगा, जो एनर्जी और नई टेक्नोलॉजी पर फोकस करेगी।
क्या हैं जोखिम?
इस योजना में कई जोखिम शामिल हैं, जैसे असुरक्षित क्रेडिटर्स से संभावित विरोध, आगे नियामक मंजूरियों की ज़रूरत, जटिल बिज़नेस यूनिट्स को इंटीग्रेट करने और डीमर्ज करने में चुनौतियां, और एसेट वैल्यूएशन या शेयर एक्सचेंज पर मतभेद की संभावना।
मार्केट की स्थिति
ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड के क्षेत्र में HEG का मुख्य कॉम्पटीटर Graphite India Ltd है। हालांकि, यह घटना सेक्टर में प्राइस चेंज या कैपेसिटी एक्सपेंशन जैसे मार्केट-ड्रिवेन डेवलपमेंट से अलग, एक आंतरिक कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग है।
महत्वपूर्ण तारीखें
रिमोट ई-वोटिंग की अवधि 1-4 मई, 2026 तक थी। NCLT ने 26 मार्च, 2026 को इन बैठकों का आदेश दिया था।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब वोटिंग नतीजों की आधिकारिक घोषणा, NCLT की समीक्षा और मंजूरी, बदलावों की प्रभावी तिथि, और नई संगठित कंपनियों के लिए भविष्य की रणनीतियों के साथ-साथ अपडेटेड फाइनेंशियल रिपोर्ट्स पर नज़र रखेंगे।
