NCLT ने HEG Limited, HEG Graphite Limited और Bhilwara Energy Limited के बीच प्रस्तावित बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग प्लान में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। NCLT, इंदौर बेंच ने 26 मार्च 2026 को दिए एक आदेश में HEG Limited के इक्विटी शेयरधारकों, सिक्योरड क्रेडिटर्स और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स की मीटिंग बुलाने के लिए कंपनी के आवेदन को मंजूरी दे दी है। इस आदेश में Bhilwara Energy Limited के शेयरधारकों की मीटिंग का भी निर्देश दिया गया है, जो इस पूरी रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम का एक अहम हिस्सा है।
यह NCLT का फैसला कंपनी की कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद HEG Limited, HEG Graphite Limited और Bhilwara Energy Limited को मिलाकर संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित और कुशल बनाना है, जिससे शेयरधारकों के लिए वैल्यू क्रिएट की जा सके।
इस रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का मसौदा (draft) मई 2024 में ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा अप्रूव कर दिया गया था। इसके तहत HEG के ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कारोबार को एक नई कंपनी, HEG Graphite Limited (जिसे बाद में HEG Limited नाम दिया जाएगा) में डीमर्ज किया जाएगा। वहीं, Bhilwara Energy Limited, जिसमें हाइड्रोइलेक्ट्रिक एसेट्स हैं, का विलय मौजूदा HEG Limited (जिसे HEG Greentech Limited नाम दिया जाएगा) में होगा। कंपनी को जनवरी 2026 में BSE और NSE से भी ऑब्जर्वेशन लेटर्स और SEBI से जरूरी कमेंट्स मिल चुके हैं।
अब कंपनी जल्द ही शेयरधारकों और क्रेडिटर्स के लिए औपचारिक मीटिंग नोटिस जारी करेगी। NCLT के आदेश के बाद, कंपनी इन मीटिंग्स में अपनी रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम पर वोटिंग कराएगी। इन मीटिंग्स के नतीजे और NCLT से अंतिम मंजूरी इस प्लान को लागू करने के लिए बेहद जरूरी होगी।
हालांकि NCLT का यह आदेश एक सकारात्मक डेवलपमेंट है, लेकिन स्कीम की अंतिम सफलता शेयरधारकों और क्रेडिटर्स की मंजूरी और NCLT की अंतिम मुहर पर निर्भर करेगी। HEG Limited ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड इंडस्ट्री में एक बड़ा प्लेयर है और यह सेक्टर हाल ही में ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड की ग्लोबल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण चर्चा में रहा है।
