समुद्री क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत
HBL Engineering Limited और Cochin Shipyard Limited ने 25 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण ज्वाइंट वेंचर (JV) एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिया है। इस नए वेंचर का नाम 'GREEN MARITIME PROPULSION PRIVATE LIMITED' रखा गया है, जिसमें शुरुआती तौर पर ₹9 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
इस JV में HBL Engineering सबसे बड़ी हिस्सेदार होगी, जिसके पास 60% की हिस्सेदारी होगी। कंपनी ने ₹5.40 करोड़ का निवेश करके 54 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं। वहीं, Cochin Shipyard Limited 40% हिस्सेदारी के साथ ₹3.60 करोड़ का निवेश करेगी, जिसके बदले उसे 36 लाख इक्विटी शेयर मिलेंगे।
यह पार्टनरशिप HBL Engineering की एनर्जी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की विशेषज्ञता को Cochin Shipyard के समुद्री जहाज निर्माण के विशाल अनुभव और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ती है। इस JV का मुख्य उद्देश्य भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन के तहत समुद्री क्षेत्र के लिए एडवांस्ड प्रोपल्शन (Propulsion) और एनर्जी सॉल्यूशंस विकसित करना है। यह कदम वैश्विक स्तर पर पर्यावरण-अनुकूल (Greener) शिपिंग की ओर बढ़ते रुझान का फायदा उठाने और जहाजों में इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड प्रोपल्शन सिस्टम की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है। इस पहल से 'मेड-इन-इंडिया' सॉल्यूशंस तैयार करने पर जोर रहेगा, जिनका लक्ष्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में अपनी जगह बनाना है।
