शानदार नतीजे और रिकॉर्ड ऑर्डर बुक
HAL ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹32,250 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹30,981 करोड़ से ज़्यादा है।
कंपनी के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि इसका ऑर्डर बुक 31 मार्च 2026 तक बढ़कर ₹2.54 लाख करोड़ हो गया है। इस भारी-भरकम ऑर्डर बुक में LCA Mk1A फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए ₹62,370 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट और ALH CG व Dornier CG हेलीकॉप्टर के महत्वपूर्ण ऑर्डर्स शामिल हैं।
सिविल एविएशन और स्पेस में विस्तार
HAL सिर्फ डिफेंस तक सीमित नहीं है, बल्कि नए क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी सिविल एविएशन (Civil Aviation) सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। Dhruv NG हेलीकॉप्टर ने अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, और HTT-40 एयरक्राफ्ट के प्रोजेक्ट में भी अच्छी प्रगति हुई है। HAL ने सिविल कम्यूटर एयरक्राफ्ट के लिए कई स्ट्रैटेजिक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अब व्यापक कमर्शियल मार्केट में भी उतरने की तैयारी में है।
अंतरिक्ष (Space) के क्षेत्र में, HAL, ISRO के साथ SSLV टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए अपनी साझेदारी को मजबूत कर रही है। इसका मुख्य लक्ष्य HAL को एक कंप्रीहेंसिव लॉन्च सर्विस प्रोवाइडर (Launch Service Provider) के रूप में स्थापित करना है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह मजबूत ऑर्डर बुक HAL को अगले कई सालों के लिए रेवेन्यू की गारंटी देता है, जो डिफेंस सेक्टर की कंपनियों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक बड़ी बात है। सिविल एविएशन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार HAL के बिजनेस को सिर्फ डिफेंस खर्चों तक सीमित न रखकर, कंपनी के लिए ग्रोथ के नए और बड़े अवसर खोल रहा है।
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) पहलों के तहत 50.15 MW की रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) क्षमता भी हासिल की है। यह कदम HAL को एक अधिक विविध और फॉरवर्ड-थिंकिंग एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी के तौर पर स्थापित करता है।
