Greenply Industries ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹0.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। यह घोषणा कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों के बाद आई है, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ था।
यह डिविडेंड शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा, जिसकी वोटिंग 25 अगस्त 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में होगी। अगर शेयरधारक इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो कंपनी AGM के 15 दिनों के भीतर यह डिविडेंड का भुगतान कर देगी।
कंपनी का कहना है कि यह डिविडेंड प्रस्ताव निवेशकों को उनके निवेश पर सीधा रिटर्न देने का एक जरिया है, जो कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं में मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है।
ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, जिसकी स्थापना 1994 में हुई थी और जिसका मुख्यालय कोलकाता में है, भारत की एक प्रमुख इंटीरियर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है। यह प्लाईवुड, ब्लॉक बोर्ड, डेकोरेटिव वेनीर्स और MDF जैसे कई तरह के वुड और प्लाईवुड प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी का शेयरधारकों को रिवॉर्ड देने का इतिहास रहा है; उदाहरण के लिए, ग्रीनप्लाई ने FY2022 और FY2025 में भी ₹0.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड रेकमेंड किया था।
हालांकि, कंपनी को कुछ टैक्स संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2026 की शुरुआत में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सर्च और सीज़र ऑपरेशन चलाए थे। इसके अलावा, कंपनी को वेस्ट बंगाल अथॉरिटीज से वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से संबंधित एक टैक्स ऑर्डर मिला है, जिसमें ₹1.66 करोड़ से अधिक का ब्याज और जुर्माना लगाया गया है। ग्रीनप्लाई इस ऑर्डर के खिलाफ अपील करने का इरादा रखती है।
यह डिविडेंड प्रस्ताव फाइल करने के अलावा, कंपनी वुड पैनल सेक्टर में काम करती है, जहाँ इसके मुख्य प्रतिस्पर्धी Century Plyboards (India) Ltd, Greenpanel Industries Ltd और Duroply Industries Limited हैं।
निवेशकों को 25 अगस्त 2026 को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के नतीजे पर नज़र रखनी चाहिए।
