₹776 करोड़ पार, Greenply Industries ने मचाया धमाल!
Greenply Industries ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹776.2 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा कंसोलिडेटेड तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछली साल की इसी अवधि के मुकाबले 19.6% की जोरदार बढ़ोतरी को दर्शाता है। कंपनी के Plywood और MDF सेगमेंट के मजबूत प्रदर्शन ने इस रिकॉर्ड को संभव बनाया है, जिससे शेयर बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।
लागत बढ़ी, पर कंपनी ने दिखाया दम!
हाल के समय में केमिकल की लागत में 50% से ज्यादा का भारी इजाफा हुआ था। इस बढ़ती लागत के दबाव को झेलने के लिए, Greenply ने समझदारी दिखाते हुए अपने मुख्य उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। कंपनी ने MDF की कीमतों में 5% से 10% और Plywood की कीमतों में 4% से 5% तक की बढ़ोतरी की है। हालांकि, दुबई में अपने ऑपरेशन्स से जुड़े ₹15.16 करोड़ के इम्पेयरमेंट (impairment) की भी जानकारी दी गई है, जिसका कारण वहां के जियो-पॉलिटिकल हालात को बताया गया है।
इनकम टैक्स की जांच का साया, पर कोई बड़ी मुश्किल नहीं!
साल 2026 की शुरुआत में इनकम टैक्स विभाग द्वारा की गई सर्च ऑपरेशन के बाद, कंपनी ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि उन्हें अभी तक कोई डिमांड नोटिस या पेनल्टी नहीं मिली है। हालांकि, इस जांच का सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, जो एक अनिश्चितता का माहौल बना सकता है।
भविष्य की ओर कदम: MDF में बड़ा दांव और कैपिटल एक्सपेंडिचर
Greenply अपने Medium Density Fibreboard (MDF) प्रोडक्शन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी ने ₹425 करोड़ के कुल MDF एक्सपेंशन प्लान का खुलासा किया है, जिसमें से ₹300 करोड़ का बड़ा हिस्सा अकेले FY27 के लिए आवंटित किया गया है। मैनेजमेंट को पूरा भरोसा है कि वे इन निवेशों से मार्जिन को बनाए रखने में सफल रहेंगे। इसके साथ ही, कंपनी Plywood मैन्युफैक्चरिंग में क्वालिटी और लागत को बेहतर बनाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रही है।
इंडस्ट्री में मज़बूत पकड़, आगे की राह में ये हैं मुख्य बिंदु
Greenply, भारतीय वुड पैनल इंडस्ट्री में अनऑर्गनाइज्ड प्लेयर्स के मुकाबले अपनी पकड़ लगातार मज़बूत कर रही है। यह रिकॉर्ड रेवेन्यू इसी बढ़त का नतीजा है। भविष्य में, कंपनी की सफलता ₹425 करोड़ के MDF कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान के सफल कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, निवेशकों की पैनी नज़रें इनकम टैक्स जांच के फाइनल नतीजे, रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते OEM/B2B सेगमेंट में कलेक्शन एफिशिएंसी जैसे मुख्य बिंदुओं पर बनी रहेंगी।
