पूरे साल का टर्नअराउंड, पर तिमाही में मिली-जुली तस्वीर
Greaves Cotton ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष और तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पूरे साल के कंसॉलिडेटेड परफॉरमेंस में शानदार टर्नअराउंड हासिल किया है। FY26 में, कंसॉलिडेटेड टोटल रेवेन्यू 17.27% बढ़कर ₹3,486.61 करोड़ पर पहुंच गया। इस रेवेन्यू ग्रोथ की मदद से कंपनी ₹35.29 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट कमाने में सफल रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹6.28 करोड़ का घाटा हुआ था।
Q4 में स्टैंडअलोन प्रॉफिट घटा, कंसॉलिडेटेड में बहुत कम मुनाफा
हालांकि, हालिया तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे मिले-जुले रहे। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹710.88 करोड़ रहा, लेकिन स्टैंडअलोन प्रॉफिट साल-दर-साल 22.75% घटकर ₹47.75 करोड़ रह गया। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू तिमाही के लिए ₹1,013.36 करोड़ था, लेकिन कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट केवल ₹2.20 करोड़ रहा, जो कि काफी कम है।
प्रोविजन्स का बड़ा असर
तिमाही नतीजों पर प्रोविजन्स (प्रावधानों) का खास असर पड़ा। प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कस्टमर डिमांड में प्रतिकूल बदलाव के कारण ₹15.98 करोड़ का इंपेयरमेंट प्रोविजन (impairment provision) दर्ज किया गया। इसके अलावा, नए लेबर कोड लागू करने के लिए ₹19.26 करोड़ अलग रखे गए।
बढ़ गया कर्ज
कंपनी के कंसॉलिडेटेड नॉन-करंट बरोइंग्स (non-current borrowings) में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। यह पिछले साल के शून्य से बढ़कर FY26 में ₹275.58 करोड़ हो गई है, जिससे कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ा है।
डिविडेंड का ऐलान
सुधरे हुए एनुअल परफॉरमेंस को देखते हुए, कंपनी ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (final dividend) रिकमेंड किया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की नजर अब कंपनी की बढ़ी हुई कर्ज और कंसॉलिडेटेड बरोइंग्स को मैनेज करने की रणनीति पर रहेगी। खासकर ई-मोबिलिटी सेगमेंट में सहायक कंपनियों (subsidiaries) का प्रदर्शन और प्रॉफिटेबिलिटी अहम होगी। मैनेजमेंट से Q4 स्टैंडअलोन प्रॉफिट में गिरावट के कारणों, नए लेबर कोड के असर और एनुअल प्रॉफिट टर्नअराउंड को बनाए रखने की स्थिरता पर कमेंट्री का इंतजार रहेगा।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Greaves Cotton एक इंजीनियरिंग ग्रुप है जो इंडस्ट्रियल इंजन और ई-मोबिलिटी सेगमेंट में काम करती है। कंपनी अपनी सहायक कंपनी Ampere Electric के जरिए इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में निवेश कर रही है।
