GREAVES.NEXT का दम!
Greaves Cotton ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में अपनी कंसोलिडेटेड आय में 18% की वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले साल की तुलना में ₹3,437 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं, कंपनी के EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 76% का जबरदस्त इजाफा देखने को मिला और यह ₹239 करोड़ पर जा पहुंचा। यह शानदार परफॉर्मेंस कंपनी की महत्वाकांक्षी GREAVES.NEXT स्ट्रैटेजी का सीधा असर है।
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष और चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए हैं। Q4 FY26 में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 22% का इजाफा हुआ और यह ₹1,000 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 49% बढ़कर ₹68 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन लेवल पर भी प्रदर्शन मजबूत रहा। FY26 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹2,365 करोड़ और EBITDA 23% बढ़कर ₹320 करोड़ दर्ज किया गया। Q4 FY26 स्टैंडअलोन रेवेन्यू 22% बढ़कर ₹698 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 4% की बढ़ोतरी हुई जो ₹87 करोड़ पर पहुंच गया।
प्रोडक्ट सप्लायर से सॉल्यूशंस प्रोवाइडर तक का सफर
GREAVES.NEXT स्ट्रैटेजी के तहत, Greaves Cotton खुद को सिर्फ एक प्रोडक्ट सप्लायर से बदलकर एक फुल-सर्विस सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के तौर पर स्थापित कर रही है। कंपनी तीन मुख्य क्षेत्रों - एनर्जी सॉल्यूशंस, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस - पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। इस स्ट्रैटेजी में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करना, ग्राहक की लाइफटाइम वैल्यू बढ़ाना, इंटरनेशनल मार्केट में पैठ बनाना, ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ गहरी पार्टनरशिप करना और नए इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस पेश करना शामिल है। इस बदलाव से कंपनी भारत के बदलते एनर्जी और मोबिलिटी सेक्टर्स में अपनी स्थिति को मजबूत करने और लगातार ग्रोथ हासिल करने की उम्मीद कर रही है।
165 साल से अधिक के इतिहास वाली Greaves Cotton ने नवंबर 2025 में अपनी GREAVES.NEXT स्ट्रैटेजी को पेश किया था। इसका लक्ष्य स्थायी टेक्नोलॉजीज और ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करके कंपनी के भविष्य के विकास को गति देना है। कंपनी ने इस पहल का समर्थन करने के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ऑटोमेशन और मॉडर्नाइजेशन पर ₹500-700 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है।
जोखिम और आगे की राह
निवेशकों को कंपनी के लिए कुछ संभावित जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी, जिसमें सब्सिडी से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उदाहरण के लिए, Greaves Electric Mobility Private Limited (GEMPL) को FAME II सब्सिडी गाइडलाइंस के संबंध में अक्टूबर 2023 में ₹124 करोड़ का पेनाल्टी और इंटरेस्ट चुकाना पड़ा था। इसके अलावा, कंपनी कई कानूनी मामलों में भी उलझी हुई है, जैसे कि अप्रत्यक्ष कर विवाद और अन्य लिटिगेशन, जो कॉन्टिंजेंट लायबिलिटीज के तौर पर दर्ज हैं।
Greaves Cotton का मुकाबला इंजन और पावर सॉल्यूशंस सेक्टर में Cummins India Ltd., Kirloskar Oil Engines Ltd. और Swaraj Engines Ltd. जैसी स्थापित कंपनियों से है। भविष्य में, निवेशक GREAVES.NEXT स्ट्रैटेजी के सफल क्रियान्वयन, इंटरनेशनल बिजनेस की ग्रोथ, ₹500-700 करोड़ के निवेश के प्रभाव और Greaves Electric Mobility जैसी निवेशित कंपनियों के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेंगे।
