नतीजे क्या कहते हैं?
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए Graviss Hospitality ने ₹0.66 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दिखाया है, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी ने ₹9.39 करोड़ का मुनाफा कमाया था। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी ₹0.14 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया गया।
इस कंसोलिडेटेड नतीजे पर नए लेबर कोड्स के कारण ₹0.27 करोड़ के एक खास एडजस्टमेंट (exceptional item) का भी असर रहा।
स्टैंडअलोन बिजनेस की चमक
वहीं, कंपनी का कोर स्टैंडअलोन बिजनेस मजबूत प्रदर्शन करता दिखा। पूरे FY26 में इसकी एनुअल रेवेन्यू 8.07% बढ़कर ₹61.87 करोड़ हो गई। हालांकि, पूरे फाइनेंशियल ईयर के स्टैंडअलोन प्रॉफिट में 72.82% की गिरावट आई, लेकिन चौथी तिमाही में तस्वीर पलट गई। Q4 FY26 में स्टैंडअलोन प्रॉफिट पिछले साल के ₹1.78 करोड़ से बढ़कर ₹2.19 करोड़ हो गया, और इसी तिमाही में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 9.43% बढ़ा।
ऑडिटर की चेतावनी
इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट में कुछ सहायक कंपनियों (subsidiaries) की फाइनेंशियल हेल्थ को लेकर बड़ी चिंता जताई गई है। 31 मार्च 2026 तक, तीन सहायक कंपनियों का जमा हुआ घाटा (accumulated losses) उनकी कुल नेट वर्थ से भी ज्यादा हो गया था। यह स्थिति ग्रुप की ओवरऑल फाइनेंशियल स्ट्रक्चर और विभिन्न यूनिट्स में संभावित वित्तीय दबाव की ओर इशारा करती है।
विनिवेश की योजना
यह नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब Graviss Hospitality ने अक्टूबर 2023 में अपनी एक फूड सब्सिडियरी में ₹100 करोड़ में हिस्सेदारी बेचने की योजना का ऐलान किया था। इस कदम का मकसद कोर हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस पर फोकस करना और फाइनेंस को सुव्यवस्थित करना था।
इंडस्ट्री की तुलना
इंडस्ट्री में, Graviss Hospitality के नतीजों की तुलना दूसरे बड़े हॉस्पिटैलिटी प्लेयर्स जैसे Indian Hotels Company Ltd. (IHCL) और EIH Ltd. से की जा रही है, जो आम तौर पर ज्यादा स्टेबल कंसोलिडेटेड रिजल्ट्स और मजबूत ब्रांड पहचान रखते हैं।
आगे की राह
आगे चलकर, निवेशक घाटे वाली सब्सिडियरीज की फाइनेंशियल स्थिति सुधारने के लिए मैनेजमेंट की स्ट्रेटेजी और प्लांट डिवेस्टमेंट पर होने वाली प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट जेनरेशन, साथ ही सब्सिडियरी की स्थिति पर ऑडिटर की किसी भी नई टिप्पणी पर भी ध्यान केंद्रित रहेगा।
