शेयरधारकों का बड़ा समर्थन
कंपनी के लिए यह एक बड़ी जीत है क्योंकि शेयर होल्डर्स ने श्री रोहितकुमार मोरे के लिए रिवाइज्ड रेमुनरेशन पैकेज को पास कर दिया है। यह मंजूरी पोस्टल बैलेट और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग (Electronic Voting) के जरिए ली गई थी, जिसकी वोटिंग की आखिरी तारीख 3 अप्रैल 2026 थी। स्क्रूटिनाइज़र (Scrutinizer) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 176 सदस्यों ने वोट किया, जिसमें 30,28,55,337 शेयर फेवर में (यानी 99.6560%) और 10,45,313 शेयर अगेंस्ट (यानी 0.3440%) पड़े।
क्या है इसका महत्व?
यह भारी समर्थन इस बात का संकेत है कि कंपनी का नेतृत्व अपने शेयरधारकों के साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ है। यह कदम मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है, जहां एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन (Executive Compensation) जैसे अहम फैसलों को वोटिंग के लिए रखा गया।
कंपनी की कहानी
Grauer & Weil (India) Limited, जिसकी स्थापना 1957 में हुई थी, एक डायवर्सिफाइड इंडस्ट्रियल कंपनी है। यह स्पेशियलिटी केमिकल्स, पेंट्स, लुब्रिकेंट्स और रियल एस्टेट डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करती है। श्री रोहितकुमार मोरे, जो BE (Mechanical) डिग्री धारक हैं, तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखते हैं और कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर अहम भूमिका निभाते हैं।
आगे क्या होगा?
शेयरहोल्डर रेजोल्यूशन (Resolution) पास होने के बाद, अब कंपनी श्री मोरे के लिए स्वीकृत रिवाइज्ड रेमुनरेशन पैकेज को लागू कर सकेगी। इससे डायरेक्टर के कंपनसेशन स्ट्रक्चर (Compensation Structure) में स्पष्टता आएगी और इसे औपचारिक रूप मिल जाएगा।
पीयर्स और नियम
Grauer & Weil कंपनी केमिकल्स और पेंट्स जैसे सेक्टर्स में काम करती है, जिसके कुछ प्रमुख पीयर्स (Peers) Asian Paints और Sudarshan Chemicals हैं। भारत में लिस्टेड कंपनियों के लिए डायरेक्टर रेमुनरेशन को शेयरहोल्डर्स से अप्रूव कराना एक सामान्य गवर्नेंस प्रैक्टिस है, जो कंपनी एक्ट 2013 और SEBI के LODR रेगुलेशंस का हिस्सा है।