Grasim Industries ने अपने भविष्य की ग्रोथ के लिए एक बड़ा फंड जुटा लिया है। कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) की प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹7,250 करोड़ हासिल किए हैं। इस बड़े फंडरेज़ से कंपनी का कैपिटल स्ट्रक्चर (Capital Structure) और मजबूत होगा और यह खासतौर पर पेंट्स (Paints) और B2B ई-कॉमर्स (B2B e-commerce) जैसे ग्रोथ वाले सेक्टर्स में विस्तार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
ये NCDs छह अलग-अलग सीरीज में जारी किए गए हैं, जिनकी मैच्योरिटी डेट जून 2027 से लेकर दिसंबर 2034 तक है। इन डिबेंचर्स में फिक्स्ड कूपन रेट (Fixed Coupon Rate) की सुविधा है, जो लंबी अवधि के लिए फंड की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
यह ताज़ा फंड जुटाना Grasim की महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं, खासकर अपने पेंट्स बिज़नेस 'बिरला ओपस' (Birla Opus) और B2B प्लेटफॉर्म 'बिरला पिवट' (Birla Pivot) के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी इन नए वेंचर्स में पहले ही ₹10,000 करोड़ का भारी निवेश कर रही है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) की यह विविध पोर्टफोलियो वाली कंपनी VSF, केमिकल्स, सीमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज, पेंट्स और B2B ई-कॉमर्स जैसे कई बिज़नेस सेक्टर्स में सक्रिय है।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि डिबेंचर होल्डर्स (Debenture Holders) अपनी कॉल/पुट ऑप्शंस (Call/Put Options) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 30 दिन की पूर्व सूचना देनी होगी।
आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 तक Grasim का कुल डेट (Total Debt) लगभग ₹1.86 ट्रिलियन था, जो मुख्य रूप से चल रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के कारण बढ़ा है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) मार्च 2025 में 1.16x था, जो मार्च 2024 में 0.97x था।
पेंट्स मार्केट में Grasim का मुकाबला एशियन पेंट्स (Asian Paints) जैसी स्थापित कंपनियों से है। Grasim इस सेक्टर में तेजी से मार्केट शेयर हासिल करने के लिए आक्रामक निवेश कर रही है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि Grasim जुटाए गए ₹7,250 करोड़ का इस्तेमाल ग्रोथ प्रोजेक्ट्स में कैसे करती है। नए बिज़नेस, खासकर पेंट्स डिवीजन का प्रदर्शन और मार्केट शेयर हासिल करने की रणनीति पर करीबी नजर रखी जाएगी। साथ ही, कंपनी के ओवरऑल डेट प्रोफाइल और NCD होल्डर्स द्वारा किसी भी ऑप्शन के इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाएगा।