BSE की पूछताछ और कंपनी का जवाब
Graphite India ने 30 मार्च 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को भेजे जवाब में कहा कि वे SEBI (LODR) रेगुलेशंस 2015 का पूरी तरह से पालन करते हैं। कंपनी का कहना है कि वर्तमान में ऐसी कोई भी जानकारी या घोषणा लंबित नहीं है जो वॉल्यूम में हुई अचानक तेजी को समझा सके। उनका मानना है कि किसी भी अप्रकट (undisclosed) मटेरियल (material) जानकारी का अभाव है जो स्टॉक की कीमत या वॉल्यूम को प्रभावित करे।
Q3 FY26 के नतीजे और लिक्विडिटी
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे भी पेश किए। इसके अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹642 करोड़ रहा, जबकि टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹68 करोड़ दर्ज किया गया। जनवरी 2026 तक, कंपनी के पास लगभग ₹3,900 करोड़ की कैश (Cash) और निवेश (Investments) थे, जो मजबूत लिक्विडिटी (Liquidity) का संकेत देते हैं।
कंपनी की विस्तार योजनाएं
Graphite India, जो ग्राफाइट इलेक्ट्रोड (Graphite Electrode) और इंडस्ट्रियल ग्राफाइट प्रोडक्ट्स (Industrial Graphite Products) का एक प्रमुख प्लेयर है, अपने ग्राफाइट इलेक्ट्रोड की कैपेसिटी (Capacity) में 25,000 MT का विस्तार कर रही है। सितंबर 2025 में, कंपनी ने GrafTech International में 6.82% की हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी किया था। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी (Operating Profitability) में सुधार देखा गया था, जो FY24 के नुकसान से उबरने का संकेत था।
मार्केट पारदर्शिता और इंडस्ट्री के जोखिम
एक्सचेंज (Exchange) द्वारा असामान्य ट्रेडिंग वॉल्यूम को लेकर पूछताछ, बाजार की पारदर्शिता (Market Transparency) और अखंडता (Integrity) बनाए रखने के लिए एक मानक प्रक्रिया है। कंपनी के इस जवाब का उद्देश्य अटकलों पर विराम लगाना और शेयरधारकों (Shareholders) को आश्वस्त करना है कि कोई भी मूल्य-संवेदनशील (price-sensitive) जानकारी छिपाई नहीं जा रही है। हालांकि, ग्राफाइट इलेक्ट्रोड उद्योग में अत्यधिक ग्लोबल प्रतिस्पर्धा (Global Competition) और वोलेटिलिटी (Volatility) के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emissions) से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दों और सख्त नियमों का भी जोखिम बना रहता है।
