ड्यूटी Hike से Goldiam International को झटका नहीं!
सरकार द्वारा सोने पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 15% करने के फैसले ने बाजार में हलचल मचा दी है, लेकिन Goldiam International Ltd. ने साफ कर दिया है कि इस कदम का कंपनी के मुनाफे और कामकाज पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि SEEPZ स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में उनकी मौजूदगी उन्हें इस ड्यूटी Hike से बचा रही है।
क्या है पूरा मामला?
सरकार ने सोने पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) 10% से बढ़ाकर 15% कर दी है, जिसमें 5% का सेस भी शामिल है। यह कदम आमतौर पर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को प्रभावित करता है और ज्वेलरी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डालता है।
SEZ का 'सुरक्षा कवच'
Goldiam International का SEEPZ जैसे स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन में संचालन करना उनके लिए एक बड़ा बचाव (Buffer) साबित हो रहा है। SEZ में स्थित कंपनियों को निर्यात (Export) के लिए आयात किए जाने वाले कच्चे माल, जिसमें सोना भी शामिल है, पर कस्टम ड्यूटी में छूट मिलती है। इस वजह से, ड्यूटी में हुए इस बदलाव का सीधा असर कंपनी के कामकाज पर नहीं पड़ेगा और उनका फाइनेंशियल परफॉरमेंस सुरक्षित रहेगा।
घरेलू ज्वेलर्स पर दिखेगा असर
यह स्थिति Goldiam International को अपने Competitors से अलग बनाती है। जहां Titan Company Ltd. और Kalyan Jewellers India Ltd. जैसी घरेलू बाजार पर केंद्रित कंपनियां सीधे तौर पर मार्जिन के दबाव का सामना करेंगी, वहीं Goldiam International और Rajesh Exports Ltd. जैसी SEZ-आधारित एक्सपोर्ट यूनिट्स को इसका कम ही असर होगा।
आगे क्या?
कंपनी के लिए फिलहाल कोई बड़ा जोखिम नहीं दिख रहा है। SEZ के फायदे और ड्यूटी छूट के कारण, Goldiam International के एक्सपोर्ट ऑपरेशंस स्थिर रहने की उम्मीद है। निवेशक अब कंपनी के एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक और ग्लोबल डिमांड पर नजर रखेंगे।
