Globe Civil Projects IPO Fund Update: ₹10.17 Cr Use नहीं हुए, CapEx Delay का अलर्ट!

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Globe Civil Projects IPO Fund Update: ₹10.17 Cr Use नहीं हुए, CapEx Delay का अलर्ट!
Overview

Globe Civil Projects लिमिटेड की IPO से जुटाई गई रकम को लेकर CARE Ratings की ताजा रिपोर्ट चिंता बढ़ा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, IPO के कुल **₹119 करोड़** में से **₹10.17 करोड़** अभी भी इस्तेमाल नहीं हुए हैं। साथ ही, कंपनी के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) प्रोजेक्ट्स में भी देरी हो रही है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

CARE की रिपोर्ट: IPO फंड्स का क्या हुआ?

CARE Ratings ने Globe Civil Projects के IPO फंड्स के इस्तेमाल पर अपनी तिमाही रिपोर्ट जारी की है, जो 31 मार्च 2026 तक की अवधि को कवर करती है। इस आईपीओ से कंपनी ने कुल ₹119 करोड़ जुटाए थे। रिपोर्ट कहती है कि इस राशि में से ₹108.83 करोड़ का इस्तेमाल हो चुका है, जबकि ₹10.17 करोड़ अभी भी अनयूटिलाइज्ड (unutilized) पड़े हैं।

अगर इस्तेमाल किए गए फंड्स के ब्रेकअप को देखें, तो कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) के लिए तय ₹14.26 करोड़ में से सिर्फ ₹6.81 करोड़ खर्च हुए हैं। वर्किंग कैपिटल (Working Capital) के लिए ₹75 करोड़ तय थे, जिसमें से ₹74.82 करोड़ इस्तेमाल हुए। जनरल कॉर्पोरेट पर्पज़ेज़ (General Corporate Purposes) के लिए ₹17.13 करोड़ तय थे, लेकिन ₹14.62 करोड़ ही लगे। वहीं, इश्यू-रिलेटेड एक्सपेंसेस (Issue-related expenses) के लिए ₹12.62 करोड़ तय थे, जिनमें से ₹12.58 करोड़ खर्च हुए।

प्रोजेक्ट्स में देरी और वित्तीय जोखिम

CARE Ratings की रिपोर्ट इस ओर भी इशारा करती है कि कंपनी को प्रोजेक्ट्स को लागू करने में दिक्कतें आ रही हैं। कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) का टारगेट जो मार्च 2026 तक पूरा होना था, अब उसे बढ़ाकर सितंबर 2026 कर दिया गया है। यह देरी वेंडर फाइनलाइजेशन (vendor finalization) और प्रोक्योरमेंट शेड्यूल (procurement schedules) की वजह से हुई है। ऐसे में, बढ़ती कीमतों के बीच कॉस्ट ओवररन (cost overruns) का खतरा मंडरा रहा है।

चिंता की एक और वजह यह है कि IPO से मिले फंड्स को कंपनी के ऑपरेशनल कैश (operational cash) के साथ करंट अकाउंट्स (current accounts) में मिला दिया गया था। हालांकि, मैनेजमेंट और सीए (CA) सर्टिफिकेट के जरिए इसकी जांच की गई, लेकिन इससे मॉनिटरिंग एजेंसी के लिए सीधे तौर पर यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि IPO के फंड्स का इस्तेमाल वास्तव में कैसे हुआ।

इन सब चिंताओं के बीच, Globe Civil Projects ने यह भी खुलासा किया है कि उन्हें इनकम टैक्स विभाग से असेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए ₹80.19 लाख का एक इनकम टैक्स डिमांड नोटिस (Income Tax Demand Notice) मिला है। कंपनी का कहना है कि वे इस नोटिस के खिलाफ अपील करेंगे और उन्हें इससे कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। फिर भी, यह एक अतिरिक्त वित्तीय मुद्दा है जिस पर नजर रखनी होगी।

बैकग्राउंड: Globe Civil Projects IPO

Globe Civil Projects एक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ईपीसी (EPC) कंपनी है। इन्होंने जुलाई 2025 में अपना IPO पूरा कर लिस्टिंग कराई थी, जिसके जरिए ₹119 करोड़ जुटाए गए थे। इन फंड्स को वर्किंग कैपिटल, कैपिटल एक्सपेंडिचर, जनरल कॉर्पोरेट पर्पज़ेज़ और इश्यू एक्सपेंसेस के लिए रखा गया था। CARE Ratings IPO फंड्स के इस्तेमाल पर नजर रखने वाली एजेंसी है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशक अब कंपनी के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट पर नजर रखेंगे कि वह रिवाइज्ड सितंबर 2026 की समय-सीमा का पालन कर पाती है या नहीं, और क्या इससे लागत बढ़ेगी। फंड्स को आपस में मिलाने की प्रक्रिया, जांच के बावजूद, मजबूत वित्तीय नियंत्रण की जरूरत को दर्शाती है। इनकम टैक्स डिमांड नोटिस के खिलाफ अपील का नतीजा भी कंपनी की वित्तीय स्पष्टता के लिए अहम होगा।

जोखिम (Risks to watch)

  • Execution Delay & Cost Overruns: कैपिटल एक्सपेंडिचर की समय-सीमा का मार्च 2026 से सितंबर 2026 तक बढ़ना, वेंडर फाइनलाइजेशन और प्रोक्योरमेंट शेड्यूल के चलते, लागत बढ़ने का जोखिम पैदा करता है, खासकर अस्थिर कीमतों के माहौल में।
  • Comingling of Funds: IPO की रकम को कंपनी के ऑपरेशनल कैश फ्लो के साथ मिला दिया गया था, जिससे मॉनिटरिंग एजेंसी के लिए फंड के उपयोग का सीधा पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया, भले ही मैनेजमेंट और CA सर्टिफिकेट से इसे वेरिफाई किया गया हो।
  • Income Tax Demand: असेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए ₹80.19 लाख का डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी अपील करने का इरादा रखती है, पर संभावित देनदारी बनी हुई है।
  • CC Account Status: 31 मार्च 2026 तक, CC बैंक स्टेटमेंट में डेबिट बैलेंस (debit balance) था, जिससे फंड्स का इस्तेमाल किया गया।

पीयर कम्पेरिज़न (Peer comparison)

Globe Civil Projects इंफ्रास्ट्रक्चर और सिविल कंस्ट्रक्शन के प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में काम करती है। HG Infra Engineering, PNC Infratech, और KNR Constructions जैसी कंपनियाँ भी बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अंजाम देती हैं और समान परिचालन गतिशीलता और बाजार की स्थितियों का सामना करती हैं। ये कंपनियाँ अक्सर प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, मैटेरियल सोर्सिंग और रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़ी चुनौतियों से निपटती हैं, जो Globe Civil Projects द्वारा रिपोर्ट की जा रही स्थितियों के समान हैं।

ट्रैक करने लायक मुख्य बातें (Key Factors to Track)

  • कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट पर कंपनी की प्रगति और रिवाइज्ड सितंबर 2026 की समय-सीमा का पालन।
  • ₹80.19 लाख के इनकम टैक्स डिमांड नोटिस के खिलाफ अपील का नतीजा।
  • IPO प्रोसीड्स के पूर्ण उपयोग और किसी भी अनुपालन (compliance) मुद्दे पर CARE Ratings से पुष्टि।
  • देरी से हुए CapEx से संबंधित संभावित कॉस्ट ओवररन पर कोई भी अपडेट।
  • ऑपरेशनल कैश के साथ IPO फंड्स को मिलाने के संबंध में कंपनी की वित्तीय प्रबंधन प्रथाओं पर आगे की जानकारी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.