NCLT से मंजूरी के बाद पूंजी में बड़ा उछाल
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मिली मंजूरी के बाद Genus Prime Infra Limited ने अपनी पूंजी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ने हाल ही में एक खास स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के तहत बड़ी मात्रा में इक्विटी और प्रेफरेंस शेयरों के अलॉटमेंट को हरी झंडी दे दी है।
शेयर अलॉटमेंट का पूरा विवरण
इस योजना के तहत, Genus Prime Infra ₹180.00 करोड़ के 9% क्यूमुलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (cumulative non-convertible redeemable preference shares) और ₹58.80 करोड़ के जीरो-कूपन रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (zero-coupon redeemable preference shares) जारी करेगी। यह अलॉटमेंट NCLT द्वारा 24 अप्रैल, 2025 को मंजूर की गई स्कीम का हिस्सा है।
बोर्ड की 10 अप्रैल, 2026 को हुई मीटिंग में यह अलॉटमेंट तय हुआ। स्कीम के तहत Genus Power Infrastructures Limited (GPIL) के शेयरधारकों को 5,07,76,631 इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹2) दिए गए। वहीं, Yajur Commodities Limited (YCL) के शेयरधारकों को 1,22,74,139 इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹2) अलॉट किए गए। इसके अलावा, YCL के शेयरधारकों को 4,88,000 जीरो कूपन रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (फेस वैल्यू ₹100) और 18,00,000 9% क्यूमुलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर (फेस वैल्यू ₹100) भी जारी किए गए।
इन अलॉटमेंट्स के बाद, Genus Prime Infra का कुल जारी इक्विटी शेयर कैपिटल ₹15.60 करोड़ हो गया है। साथ ही, जीरो कूपन रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर कैपिटल ₹58.80 करोड़ और 9% क्यूमुलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर कैपिटल ₹180.00 करोड़ पर पहुंच गया है।
रीस्ट्रक्चरिंग का रणनीतिक महत्व
यह बड़ा फेरबदल कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है, जिसका मकसद ग्रुप की विभिन्न एंटिटीज और ऑपरेशंस को Genus Prime Infra के तहत कंसॉलिडेट करना और ग्रुप की ओवरऑल स्ट्रक्चर को स्ट्रीमलाइन करना है।
नए अलॉट किए गए इक्विटी शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टिंग के लिए मंजूरी मिल गई है, जिससे कंपनी की लिक्विडिटी और मार्केट एक्सेस में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, प्रेफरेंस शेयर लिस्टेड नहीं रहेंगे।
ग्रुप की संरचना और पृष्ठभूमि
Genus Prime Infra Limited भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में काम करती है। इसकी सहयोगी कंपनी Genus Power Infrastructures Limited मीटरिंग सॉल्यूशंस और EPC (Engineering, Procurement, and Construction) पर फोकस करती है, जबकि Yajur Commodities Limited कोयला ट्रेडिंग का काम करती है।
यह कैपिटल एडजस्टमेंट NCLT द्वारा 24 अप्रैल, 2025 को मंजूर की गई स्कीम ऑफ अरेंजमेंट का नतीजा है। इस प्रक्रिया में Sansar Infrastructure, Star Vanijya, और Sunima Trading जैसी सहायक कंपनियों का अमाल्गमेशन (amalgamation), Yajur Commodities का Genus Prime Infra में मर्जर, और Genus Power Infrastructures Limited से 'Strategic Investment Division' का Genus Prime Infra में डीमर्जर (demerger) शामिल है। इस कंसॉलिडेशन का मकसद ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना और शेयरधारक मूल्य को बढ़ाना है।
शेयरधारकों पर असर और मार्केट लिस्टिंग
Genus Power Infrastructures Limited और Yajur Commodities Limited के शेयरधारकों को Approved रेश्यो के हिसाब से Genus Prime Infra में नए इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर मिलेंगे। नए अलॉट किए गए इक्विटी शेयरों की BSE पर लिस्टिंग होनी है, जिससे उनकी ट्रेडेबिलिटी और मार्केट वैल्यू में सुधार होना चाहिए। दूसरी ओर, YCL शेयरधारकों को अलॉट किए गए प्रेफरेंस शेयर लिस्टेड नहीं होंगे, जिससे उनकी तत्काल लिक्विडिटी सीमित रहेगी। मर्जर के हिस्से के रूप में, Genus Prime Infra और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा Yajur Commodities Limited में रखे गए इंटर-से शेयरहोल्डिंग को रद्द कर दिया जाएगा।
मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- कुल जारी इक्विटी शेयर कैपिटल (अलॉटमेंट के बाद): ₹15.60 करोड़
- जीरो कूपन रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर कैपिटल: ₹58.80 करोड़
- 9% क्यूमुलेटिव नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर कैपिटल: ₹180.00 करोड़
भविष्य की रणनीति
निवेशक अब BSE पर Genus Prime Infra के नए इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार करेंगे। साथ ही, मर्ज की गई कंपनियों के इंटीग्रेशन और भविष्य के फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर भी नजरें रहेंगी। इसके अलावा, ग्रुप के कंसॉलिडेटेड ऑपरेशंस से जुड़े किसी भी नए स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव या खुलासे पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।