Genus Power Infrastructures Limited ने अपने बोर्ड में Sandeep Jain को एडिशनल इंडिपेंडेंट और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर शामिल करने का ऐलान किया है। यह नियुक्ति 1 साल के टर्म के लिए होगी, जो 2 मई, 2026 से लागू होगी। इस पर शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी मिलना बाकी है।
Sandeep Jain, जिन्होंने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में 35 साल का लंबा और शानदार करियर बिताया है, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन और लीगल मामलों के माहिर माने जाते हैं। माना जा रहा है कि उनके शामिल होने से कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस और निगरानी (oversight) में काफी सुधार आएगा। साथ ही, लिस्टेड कंपनी के लिए रेगुलेटरी और फाइनेंशियल कंप्लायंस में उनका अनुभव अमूल्य साबित होगा।
Genus Power, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में एक प्रमुख भारतीय मैन्युफैक्चरर है, जो एनर्जी मीटर, स्विचगियर और ट्रांसफार्मर जैसे कंपोनेंट्स बनाती है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कंपनी पहले भी रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। SEBI ने पहले कंपनी को लिस्टिंग नॉर्म्स का पालन न करने के लिए फटकार भी लगाई थी।
इस नियुक्ति को पूरी तरह से लागू करने के लिए पहला और सबसे ज़रूरी कदम शेयरहोल्डर्स से मंज़ूरी हासिल करना है।
इंडस्ट्री में, KEC International और ABB India जैसी कंपनियां भी अक्सर अपने बोर्ड में अनुभवी पूर्व सिविल सर्वेंट्स या इंडस्ट्री के दिग्गजों को शामिल करती हैं। यह उन कंपनियों के लिए एक आम रणनीति है जो जटिल रेगुलेटरी माहौल से गुज़र रही हैं और अपने बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
इन्वेस्टर्स अब आने वाली शेयरहोल्डर मीटिंग के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखेंगे और देखेंगे कि Sandeep Jain का गहरा अनुभव कंपनी की गवर्नेंस पॉलिसी और स्ट्रैटेजिक दिशा को कैसे प्रभावित करता है।
