गंगा पेपर्स के बोर्ड में महत्वपूर्ण बदलाव
Ganga Papers India Ltd. ने 20 मार्च, 2026 को अपने कॉर्पोरेट ढांचे में अहम फेरबदल की जानकारी दी है। कंपनी ने मनीष कुमार को अपने नए चेयरपर्सन के तौर पर नियुक्त किया है। इस बड़े कदम के साथ, कंपनी के पूर्व चेयरपर्सन रमेश कुमार चौधरी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर जारी रखेंगे।
बोर्ड ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रतन कुमार सिंह के इस्तीफे को भी स्वीकार कर लिया है। कंपनी ने बताया कि यह इस्तीफा स्वास्थ्य संबंधी कारणों से दिया गया है।
नई रणनीति और निरंतरता की उम्मीद
मनीष कुमार का चेयरपर्सन बनना कंपनी की भविष्य की रणनीति में संभावित बदलावों का संकेत दे सकता है। वहीं, रमेश कुमार चौधरी का नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में बने रहना, इस बदलाव के दौर में कंपनी के लिए अनुभव और स्थिरता सुनिश्चित करेगा। रतन कुमार सिंह के जाने से बोर्ड की संरचना और निगरानी क्षमता पर असर पड़ेगा।
नियुक्ति का इतिहास
रमेश कुमार चौधरी कंपनी के लिए एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं, जिन्होंने पहले चेयरमैन और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर अहम भूमिका निभाई है। रतन कुमार सिंह 30 जुलाई, 2020 को एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में शामिल हुए थे। मनीष कुमार, जो अब चेयरपर्सन बने हैं, 9 नवंबर, 2023 को डायरेक्टर पद पर नियुक्त हुए थे।
आगे बढ़ते हुए, कंपनी का ध्यान इस नेतृत्व परिवर्तन के दौरान स्थिर शासन बनाए रखने पर रहेगा। निवेशक मिस्टर सिंह की जगह एक नए डायरेक्टर की नियुक्ति पर नजर रखेंगे ताकि बोर्ड का संतुलन बना रहे। साथ ही, नए चेयरपर्सन मिस्टर कुमार से किसी भी नई रणनीतिक पहल या परिचालन अपडेट की उम्मीद की जाएगी।
