क्या है मामला?
Gallantt Ispat Ltd के प्रमोटर ग्रुप ने अपनी शेयर होल्डिंग में एक बड़ा फेरबदल किया है। इस प्रक्रिया के तहत, प्रमोटर उमा अग्रवाल (Uma Agrawal) ने 31 मार्च, 2026 को ऑफ-मार्केट ट्रांज़ैक्शन (Off-market Transaction) के ज़रिए 645,615 शेयर Gallantt Trust को ट्रांसफर किए हैं। Gallantt Trust, कंपनी से जुड़ी हुई एक प्रमोटर एंटिटी है।
SEBI की मिली छूट
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 20 मार्च, 2026 को इस मामले पर अपना ऑर्डर जारी करते हुए Gallantt Trust को सबस्टैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स (SAST) रेगुलेशन के तहत ओपन ऑफर की बाध्यताओं से एग्ज़ेम्प्ट (Exempt) कर दिया है। SEBI ने इसे शेयरहोल्डिंग के पुनर्गठन के लिए एक आंतरिक पारिवारिक व्यवस्था माना है, जिसमें कंपनी का कंट्रोल नहीं बदला है।
इन बदलावों का मकसद
इस स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग का मुख्य उद्देश्य प्रमोटर परिवार के भीतर सक्सेशन प्लानिंग (Succession Planning) और वेलफेयर प्लान्स (Welfare Plans) को सुव्यवस्थित करना है। इस ट्रांसफर के बाद, Gallantt Trust के पास Gallantt Ispat की कुल इक्विटी शेयर कैपिटल का 60.051% हिस्सा होगा, जो कि लगभग 14,48,90,556 शेयरों के बराबर है। यह कदम कंपनी के कंट्रोल को प्रमोटर ग्रुप के भीतर ही, ख़ासकर Gallantt Trust के ज़रिए, कंसॉलिडेट (Consolidate) करने के लिए उठाया गया है।
रेगुलेटरी आवश्यकताएं
SEBI की यह छूट 20 मार्च, 2026 से 1 साल की अवधि के लिए मान्य है। इस दौरान Gallantt Trust को अधिग्रहण पूरा करना होगा। साथ ही, Trust Deed का SEBI की एग्ज़ेम्पशन शर्तों के अनुरूप होना भी ज़रूरी है। कंपनी को इस छूट से संबंधित वार्षिक अनुपालन कन्फर्मेशन (Compliance Confirmation) और इंडिपेंडेंट ऑडिटर सर्टिफिकेशन (Independent Auditor Certification) फाइल करना होगा। अधिग्रहण पूरा होने के 21 दिनों के भीतर Gallantt Trust से SEBI को एक पोस्ट-एक्विजिशन रिपोर्ट (Post-Acquisition Report) फाइल करने की उम्मीद है।
