प्रमोटर की हिस्सेदारी क्यों हुई ट्रांसफर?
यह शेयर ट्रांसफर 30 मार्च, 2026 को हुआ और इसे संभव बनाया SEBI (Securities and Exchange Board of India) के एक विशेष एग्जेंप्शन ऑर्डर ने। SEBI ने 20 मार्च, 2026 को यह आदेश जारी किया था, जो प्रमोटर ग्रुप के अंदरूनी पुनर्गठन (internal restructuring) की अनुमति देता है, खासकर जब यह सार्वजनिक ऑफर (public offer) को ट्रिगर करने वाले थ्रेशोल्ड को पार करने से संबंधित हो।
इस ट्रांसफर का मुख्य उद्देश्य Gallantt Trust के माध्यम से प्रमोटर के सीधे नियंत्रण को और मजबूत करना है। हालांकि, इस पुनर्गठन से प्रमोटर ग्रुप के कुल लाभकारी स्वामित्व (beneficial ownership) या आर्थिक हित में कोई बदलाव नहीं आया है, और आम निवेशकों की हिस्सेदारी पहले की तरह ही बनी हुई है।
SEBI का यह एग्जेंप्शन ऑर्डर 20 मार्च, 2026 से एक साल की अवधि के लिए वैध है। Gallantt Trust को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह अधिग्रहण इस एक साल की अवधि के भीतर पूरा हो जाए।
यह कदम किसी बड़े कॉर्पोरेट एक्शन जैसे मर्जर या कैपिटल जुटाने का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह Gallantt Ispat के प्रमोटर होल्डिंग के आंतरिक कंसॉलिडेशन पर केंद्रित है। बड़ी स्टील कंपनियों जैसे Jindal Steel & Power और JSW Steel की तुलना में, यह Gallantt Ispat का अपने प्रमोटर हिस्सेदारी को एक विशेष ट्रस्ट संरचना के तहत केंद्रित करने का एक विशिष्ट प्रयास है।
