FY26 के वित्तीय प्रदर्शन पर एक नज़र
Galaxy Bearings Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) ₹67.51 करोड़ (यानी ₹6,751.10 लाख) रहा, वहीं नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹3.31 करोड़ (यानी ₹330.99 लाख) दर्ज किया गया।
इसी तरह, 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी का रेवेन्यू ₹20.83 करोड़ (यानी ₹2,082.53 लाख) रहा, और नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1.08 करोड़ (यानी ₹107.76 लाख) रहा।
US OFAC सैंक्शन का असर
कंपनी के इन नतीजों पर US OFAC (ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल) के सैंक्शन (Sanction) का गहरा असर पड़ा है। FY26 के दौरान, Galaxy Bearings को US OFAC SDN लिस्ट से अपना नाम हटवाने के प्रयासों में ₹6.70 करोड़ का मोटा लीगल खर्च उठाना पड़ा। यह लिस्टिंग 30 अक्टूबर, 2024 से प्रभावी थी और इसने सीधे तौर पर कंपनी के नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया।
OFAC लिस्टिंग के कारण Galaxy Bearings को फॉरेन करेंसी ट्रांजैक्शंस (Foreign Currency Transactions), खासकर USD और EURO में, ऑफिशियल बैंकिंग चैनलों के माध्यम से करने में भी दिक्कतें आईं, जिसने एक्सपोर्ट ऑपरेशंस (Export Operations) पर भी असर डाला।
सैंक्शन स्टेटस हल करने के प्रयास
Galaxy Bearings इस OFAC SDN लिस्ट से हटने के लिए सक्रिय रूप से कोशिश कर रही है। कंपनी ने 6 मई, 2025 को अपने यूएस-आधारित लीगल काउंसल (Legal Counsel) के माध्यम से एक्सिलरेटेड रिमूवल (Expedited Removal) के लिए एक एप्लीकेशन सबमिट की है। कंपनी की भविष्य में फॉरेन करेंसी ट्रांजैक्शंस के लिए इंटरनेशनल बैंकिंग फैसिलिटीज तक पहुंच, इन रिमूवल प्रोसीडिंग्स (Removal Proceedings) के सफल परिणाम पर निर्भर करेगी।
ऑपरेशनल निरंतरता
वैधानिक अनुपालन (Statutory Compliance) सुनिश्चित करने के लिए, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए M/s. Mitesh Suvagiya & Co. को कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) और M/s. M N V Patel & Co LLP को इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) के तौर पर फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।
मार्केट कॉन्टेक्स्ट
Galaxy Bearings भारतीय बेयरिंग मार्केट (Bearing Market) में एक कॉम्पिटिटिव माहौल में काम करती है। इसके प्रमुख लिस्टेड पीयर्स (Listed Peers) में Schaeffler India, SKF India Ltd., Timken India, और NRB Bearings शामिल हैं, जो ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल और अन्य सेक्टर्स के लिए विभिन्न प्रकार के बेयरिंग्स का निर्माण करते हैं।
