IPO फंड्स का धीमी गति से इस्तेमाल
Gala Precision Engineering के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के ज़रिए कुल ₹1,353.40 मिलियन जुटाए गए थे, जिनमें से ₹371.18 मिलियन मार्च 2026 तक खर्च नहीं हुए हैं। कंपनी ने बताया है कि उसकी नियोजित नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी और कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्रोजेक्ट्स पर काम उम्मीद से धीमी गति से चल रहा है।
किस काम के लिए थे फंड्स?
इन फंड्स को मुख्य रूप से हाई टेंसाइल फास्टनर्स (high tensile fasteners) और हेक्स बोल्ट्स (hex bolts) के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने, प्लांट और मशीनरी पर बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने और कुछ उधार चुकाने के लिए अलग रखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई फैसिलिटी के लिए ₹284.25 मिलियन और कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए ₹93.40 मिलियन आवंटित किए गए हैं। हालाँकि, कुल मिलाकर फंड्स के इस्तेमाल की रफ़्तार पर सवाल उठ रहे हैं।
निवेशकों की नज़र
अप्रयुक्त फंड्स की यह बड़ी रकम और प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन (execution) में हो रही देरी के चलते निवेशकों का ध्यान कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और बचे हुए कैपिटल को इस्तेमाल करने की रणनीति पर केंद्रित हो गया है।
निवेशक Gala Precision के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने और उन्हें चालू (commissioning) करने की नई समय-सीमाओं पर कड़ी नज़र रखेंगे। साथ ही, कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (general corporate purposes) पर भविष्य की प्रगति रिपोर्ट भी अहम संकेत साबित होंगी।