SEBI के सख्त इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन करते हुए Gagan Gases Limited ने अपने 'डिजग्नेटेड पर्सन्स' के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद करने का ऐलान किया है। यह रोक 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) के दुरुपयोग को रोकना है। यह सुनिश्चित करता है कि बाजार में सभी निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति की जानकारी एक साथ मिले, जिससे बाजार की निष्पक्षता बनी रहे।
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी अपने चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 (जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहा है) के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को सार्वजनिक तौर पर घोषित नहीं कर देती। नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही यह विंडो दोबारा खोली जाएगी।
हालिया आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में ₹1.71 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8.06% कम था। इसी तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹0.08 करोड़ रहा, जो 11.11% की गिरावट दर्शाता है।
Gagan Gases Limited, जो 1986 में स्थापित हुई थी और जिसका मुख्यालय इंदौर, मध्य प्रदेश में है, मुख्य रूप से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स के लिए एलपीजी (LPG) की बॉटलिंग और मार्केटिंग का काम करती है। कंपनी का एक बॉटलिंग प्लांट पीथमपुर में स्थित है।
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने की अवधि के दौरान, Gagan Gases के डायरेक्टर्स और मुख्य मैनेजमेंट कर्मियों को कंपनी के शेयर खरीदने या बेचने की इजाजत नहीं होगी। यह पाबंदी नतीजों के सार्वजनिक होने और 48 घंटे की कूलिंग-ऑफ अवधि पूरी होने के बाद ही हटेगी।
Gagan Gases इंडस्ट्रियल गैसें और फ्यूल सेक्टर में काम करती है, जहाँ ट्रेडिंग विंडो बंद करना एक सामान्य अनुपालन (compliance) का तरीका है।
निवेशकों को अब बोर्ड मीटिंग की तारीख पर नज़र रखनी चाहिए, जहाँ FY26 के Q4 और वार्षिक नतीजों की समीक्षा और मंजूरी दी जाएगी। इन नतीजों की घोषणा के बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी।
