शेयरधारकों की हरी झंडी के बाद GTV Engineering अब Chirchind Hydro Power Private Limited (CHPPL) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। यह कदम कंपनी के पावर जनरेशन सेक्टर में विस्तार की महत्वाकांक्षी रणनीति का एक अहम हिस्सा है।
इस नॉन-कैश (Non-cash) सौदे के तहत, GTV Engineering मौजूदा शेयरधारकों की मंजूरी से ₹59.65 प्रति शेयर की दर से 39,42,047 नए शेयर जारी करेगी। यह डील 'कंसीडरेशन अदर दैन कैश' (consideration other than cash) के तौर पर संरचित है, जिसका मतलब है कि नए शेयर सीधे नकदी के बजाय किसी अन्य इकाई में संपत्ति या स्वामित्व के बदले में दिए जाएंगे।
इस सौदे का मुख्य उद्देश्य CHPPL में इक्विटी हासिल करना है, जो एक हाइड्रो प्रोजेक्ट संचालित करने वाली सहयोगी कंपनी है। इसके जरिए GTV Engineering पावर जनरेशन इंडस्ट्री में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है और एकीकृत संचालन के लिए अपनी इंजीनियरिंग क्षमताओं का लाभ उठाना चाहती है।
GTV Engineering भारी फैब्रिकेशन (heavy fabrication) और बड़ी मशीनिंग सेवाओं के लिए जानी जाती है, जो पावर, पेट्रोकेमिकल, सीमेंट और रेलवे जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स को सेवा प्रदान करती है। हाल ही में कंपनी ने अपने नॉन-कोर एग्रो-फूड ऑपरेशंस को बेचने के बाद मुख्य भारी इंजीनियरिंग व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित किया है। पिछले रणनीतिक कदमों में जुलाई 2025 में 1:5 का स्टॉक स्प्लिट और 2:1 का बोनस शेयर जारी करना शामिल था। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 23 मार्च 2026 को इस प्रिफरेंशियल इश्यू (preferential issue) प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी थी, और भविष्य के विकास का समर्थन करने के लिए निवेश सीमाओं को ₹100 करोड़ तक बढ़ाने की भी मंजूरी दी थी।
इस शेयर जारी करने से GTV Engineering की मौजूदा शेयरधारिता संरचना (shareholding structure) में बदलाव आएगा। इसका एक प्रमुख परिणाम Chirchind Hydro Power Private Limited (CHPPL) में हिस्सेदारी में वृद्धि होगी, जो संभावित रूप से इसे एक सहायक कंपनी के रूप में समेकित (consolidate) कर सकती है। यह कंपनी के मुख्य इंजीनियरिंग कार्य के साथ-साथ पावर जनरेशन में GTV की उपस्थिति को और मजबूत करेगा। निवेश सीमाओं में स्वीकृत वृद्धि आगे के रणनीतिक कदमों की संभावना का भी संकेत देती है।
निवेशकों को ऐसे नॉन-कैश शेयर स्वैप सौदों में निहित संभावित चुनौतियों पर नजर रखनी चाहिए, जैसे कि जटिल मूल्यांकन प्रक्रियाएं और एकीकरण (integration) का निष्पादन। शेयरधारक की मंजूरी मिल गई है, लेकिन अंतिम समापन नियामक (regulatory) मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, किसी भी नए इक्विटी इश्यू में मौजूदा शेयरधारकों के लिए डाइल्यूशन (dilution) का जोखिम होता है।
वित्तीय वर्ष FY26 के अनुसार, GTV Engineering का मार्केट कैप लगभग ₹283 करोड़ था। दिसंबर 2025 तक प्रमोटर होल्डिंग 57.88% और रिटेल होल्डिंग 41.96% थी। 9 महीने (दिसंबर 2025 तक) के लिए, कंपनी ने ₹7,627.68 लाख का रेवेन्यू और ₹596.97 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
