GTV Engineering के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 23 मार्च, 2026 को एक अहम फैसला लेते हुए कंपनी के बिजनेस को पावर जनरेशन और हैवी स्टील फैब्रिकेशन जैसे नए सेक्टर्स में फैलाने की योजना को मंजूरी दी है। इस विस्तार का मुख्य केंद्र Chirchind Hydro Power Private Limited (CHPPL) में 35.31% हिस्सेदारी खरीदना है। इस डील के लिए कंपनी 39,42,047 शेयर ₹59.65 प्रति शेयर के भाव पर प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) के जरिए ₹23.52 करोड़ जुटाएगी। इस अधिग्रहण के बाद CHPPL, GTV Engineering की सब्सिडियरी (subsidiary) बन जाएगी। साथ ही, CHPPL की मौजूदा सब्सिडियरी Shivalik Energy Private Limited, GTV Engineering की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी (step-down subsidiary) कहलाएगी।
इसके अलावा, बोर्ड ने ₹100 करोड़ की लोन, गारंटी या सिक्योरिटीज (loans, guarantees, or securities) की फैसिलिटी को भी मंजूरी दी है, जिसका इस्तेमाल भविष्य की ग्रोथ पहलों या वर्किंग कैपिटल (working capital) की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
यह कदम GTV Engineering के लिए एक बड़ा डाइवर्सिफिकेशन (diversification) है, जो पारंपरिक रूप से हैवी इंजीनियरिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी रही है। रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) यानी स्मॉल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स (small hydro power projects) में एंट्री, भारत के क्लीन एनर्जी (clean energy) पर बढ़ते फोकस के साथ पूरी तरह मेल खाती है। हैवी स्टील फैब्रिकेशन (heavy steel fabrication) में विस्तार और मौजूदा इंजीनियरिंग विशेषज्ञता मिलकर नई सिनर्जी (synergy) पैदा कर सकती है, जिससे GTV की इंडस्ट्रियल कैपेबिलिटीज (industrial capabilities) का विस्तार होगा और नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स (revenue streams) और मार्केट्स (markets) में एंट्री का रास्ता खुलेगा। Chirchind Hydro Power Private Limited (CHPPL) ने फाइनेंशियल ईयर 2022-2023 में ₹35.33 करोड़ का टर्नओवर (turnover) दर्ज किया था।
यह प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) और अधिग्रहण शेयरधारकों से आने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) और अन्य रेगुलेटरी बॉडीज (regulatory bodies) से जरूरी मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा। EGM 16 अप्रैल, 2026 को होनी है।
