बाजार में GTV Engineering की एक बड़ी चाल देखने को मिली है। कंपनी ने Chirchind Hydro Power Private Limited (CHPPL) में 35.31% हिस्सेदारी ₹23.52 करोड़ में अधिग्रहित करने की मंजूरी दे दी है, जिसके लिए शेयर स्वैप (share swap) का तरीका अपनाया जाएगा। इस सौदे के साथ ही, CHPPL जो बिजली उत्पादन (electricity generation) और हैवी स्टील फैब्रिकेशन (heavy steel fabrication) के क्षेत्र में काम करती है, GTV Engineering की सब्सिडियरी (subsidiary) बन जाएगी।
यही नहीं, कंपनी के डायरेक्टर्स (board) ने ₹100 करोड़ तक की फंड जुटाने की सुविधा (fund-raising facility) को भी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले पर शेयरधारकों (shareholders) की मुहर लगनी बाकी है। इसके लिए 16 अप्रैल, 2026 को एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई जाएगी, जिसमें शेयरधारकों को इस पर वोट करना होगा। EGM के लिए रिकॉर्ड डेट (record date) 9 अप्रैल, 2026 तय की गई है।
इस अधिग्रहण से GTV Engineering का बिजनेस मॉडल और भी मजबूत होगा। कंपनी पावर जनरेशन, खासकर छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स (small hydro projects) के क्षेत्र में कदम रख रही है, जिससे उसका बिज़नेस डाइवर्सिफाई (diversify) होगा। साथ ही, हैवी स्टील फैब्रिकेशन क्षमताएं भी बढ़ेंगी। CHPPL के सब्सिडियरी बनने से, GTV की अपनी सब्सिडियरी Shivalik Energy Private Limited, अब एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी (step-down subsidiary) बन जाएगी।
GTV Engineering के पास खुद का तीन दशकों से ज्यादा का अनुभव है। यह कंपनी हैवी इंजीनियरिंग (heavy engineering) और प्रिसिजन मशीनिंग (precision machining) में माहिर है। यह सीमेंट, थर्मल, स्टील और हाइड्रो पावर जैसे सेक्टरों में मल्टीनेशनल OEMs के लिए सब-कॉन्ट्रैक्टर (sub-contractor) का काम करती है। हाल ही में, कंपनी ने अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए होल व्हीट अट्टा (whole wheat atta) जैसे कम मार्जिन वाले बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला किया था, ताकि मुख्य हैवी इंजीनियरिंग सेगमेंट पर फोकस कर सके।
₹100 करोड़ की फंड जुटाने की सुविधा, शेयरधारकों की मंजूरी के बाद, कंपनी को भविष्य के विकास (future growth) और कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditures) के लिए वित्तीय लचीलापन (financial flexibility) प्रदान करेगी।
निवेशकों को कुछ प्रमुख बातों पर गौर करना होगा:
- शेयरधारकों की मंजूरी: अधिग्रहण और फंड जुटाने की पूरी प्रक्रिया शेयरधारकों की EGM में वोटिंग पर निर्भर करती है।
- रेगुलेटरी क्लीयरेंस: ट्रांजेक्शन के लिए जरूरी रेगुलेटरी और स्टैचुटरी अप्रूवल (regulatory and statutory approvals) हासिल करने होंगे।
- एक्जीक्यूशन: शेयरधारकों की मंजूरी के 15 दिनों के भीतर अधिग्रहण पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके लिए तेज एक्जीक्यूशन की जरूरत होगी।
- प्रमोटर होल्डिंग: सितंबर 2025 और दिसंबर 2025 के बीच प्रमोटर होल्डिंग में 2.69% की गिरावट देखी गई है।
- बाजार की गतिविधियां: यह ध्यान रखना अहम है कि SEBI ने GG Engineering Ltd (जो एक अलग कंपनी है) के शेयर में हेरफेर के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन GTV Engineering पर ऐसी कोई कार्रवाई की खबर नहीं है।
GTV Engineering हैवी इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन सेक्टर में काम करती है। इसके मुख्य कॉम्पिटिटर्स (competitors) में Bharat Forge Ltd और LMW Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं। पावर जनरेशन में एंट्री के साथ, यह Cummins India Ltd जैसी पावर सॉल्यूशंस लीडर के करीब भी आ गई है। इसके अलावा, Engineers India Ltd जैसी कंपनियां जो इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी के लिए EPC सेवाएं देती हैं, इस सेक्टर का हिस्सा हैं।
Chirchind Hydro Power Private Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में ₹32.60 करोड़ का टर्नओवर (turnover) दर्ज किया था।
आगे क्या देखना अहम होगा:
- 16 अप्रैल, 2026 को EGM में शेयरधारकों के वोट का नतीजा।
- अधिग्रहण के लिए जरूरी रेगुलेटरी और स्टैचुटरी अप्रूवल मिलने की प्रगति।
- शेयर स्वैप और अधिग्रहण डील का सफल समापन।
- EGM नोटिस का शेयरधारकों को भेजा जाना।
- ₹100 करोड़ की फंड जुटाने की सुविधा का उपयोग कैसे किया जाएगा, इस पर भविष्य की घोषणाएं।
