GTL Ltd के 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजों में ₹582.55 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सबसे बड़ी खबर है। लेकिन, इस आंकड़े के पीछे का सच यह है कि यह मुनाफा मुख्य रूप से 11 सिक्योरड लेंडर्स के साथ हुए वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) समझौतों से प्राप्त ₹610.44 करोड़ के असाधारण लाभ (exceptional gain) से आया है। यह एक तरह से कर्ज राइट-ऑफ (debt write-offs) से हुआ लाभ है, न कि कंपनी के कोर ऑपरेशंस (core operations) से कमाई बढ़ी है।
वास्तव में, कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में लगातार गिरावट देखी गई है। चौथी तिमाही में यह 16.21% घटकर ₹59.17 करोड़ रह गया, और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, ऑपरेशन से रेवेन्यू 11.62% गिरकर ₹224.37 करोड़ पर आ गया।
कंपनी के ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में एक संशोधित राय (modified opinion) देते हुए कहा है कि GTL Ltd गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है। उन्होंने 'गोइंग कंसर्न' (एक चलते-फिरते व्यवसाय के रूप में जारी रहने की क्षमता) पर गंभीर शंकाएं जताई हैं, जिसका मतलब है कि कंपनी के भविष्य में परिचालन जारी रखने पर सवालिया निशान है।
GTL Ltd का कर्ज का भारी बोझ और वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने का एक लंबा इतिहास रहा है। कंपनी ने अपनी देनदारियों को संभालने के लिए बार-बार डेट रीस्ट्रक्चरिंग और OTS का सहारा लिया है। लेकिन, ऑपरेशनल परफॉरमेंस में सुधार न होने के कारण लिक्विडिटी (liquidity) की समस्याएँ बनी हुई हैं।
ऑडिटर्स ने यह भी नोट किया है कि कंपनी ने अनसुलझे लेंडर्स से लिए गए ऋणों पर ब्याज का भुगतान नहीं किया है। कंपनी का नेट वर्थ ₹-5,446.05 करोड़ पर बहुत अधिक नकारात्मक है। साथ ही, एक महत्वपूर्ण लिक्विडिटी संकट स्पष्ट है: ₹5,244.36 करोड़ की चालू देनदारियां (current liabilities) ₹114.25 करोड़ की चालू संपत्तियों (current assets) से कहीं अधिक हैं।
शेयरधारकों को यह समझना चाहिए कि रिपोर्ट किया गया मुनाफा कोर बिजनेस की ग्रोथ से नहीं, बल्कि कर्ज के राइट-ऑफ से आया है। GTL Ltd की भविष्य की व्यवहार्यता (viability) इन गंभीर वित्तीय संकटों और अनिश्चितताओं को दूर करने की इसकी क्षमता पर निर्भर करेगी।
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में, HFCL Ltd और Sterlite Technologies Ltd (STL) जैसे प्रतिस्पर्धी बेहतर वित्तीय स्वास्थ्य और अधिक अनुमानित रेवेन्यू स्ट्रीम दिखाते हैं, जो 5G विस्तार और सरकारी परियोजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। GTL का फोकस सर्विस ऑपरेशन और रखरखाव पर है, लेकिन उसकी वर्तमान वित्तीय स्थिति चिंताजनक है।
