कर्ज चुकाने से कैसे पलटी बाजी?
GTL Infrastructure ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹779.26 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पेश किया है, जो पिछले साल के ₹875.15 करोड़ के घाटे से एक बड़ी रिकवरी दर्शाता है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का प्रॉफिट ₹1,185.58 करोड़ पर पहुंच गया।
कंपनी के नतीजों में यह बड़ा उछाल असाधारण आय (exceptional gains) के कारण आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेब्ट सेटलमेंट एग्रीमेंट्स और वेंडर क्लेम प्रोविजन्स (vendor claim provisions) को रिवर्स करने से कंपनी को कुल ₹1,198.23 करोड़ का फायदा हुआ।
रेवेन्यू और खर्चों का हाल
कुल आय (Total income) में मामूली बढ़ोतरी देखी गई। FY26 में सालाना रेवेन्यू (revenue) 3.91% बढ़कर ₹1,419.07 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹1,365.69 करोड़ था। वहीं, Q4 FY26 की तिमाही रेवेन्यू 1.45% बढ़कर ₹345.43 करोड़ रही।
कंपनी ने फाइनेंस कॉस्ट (finance costs) में भी भारी कटौती की है। सालाना आधार पर इसमें करीब 39.5% की कमी आई है, जो ₹928.51 करोड़ से घटकर ₹563.21 करोड़ रह गई। यह कमी कुछ उधारों पर ब्याज की गणना बंद करने के कारण भी आई है।
खतरे की घंटी: ऑडिटर की चेतावनी
हालांकि, इन शानदार आंकड़ों के पीछे एक गंभीर चिंता भी छिपी है। कंपनी की यह प्रॉफिटेबिलिटी मुख्य रूप से एक बार के फायदों (one-time financial adjustments) पर निर्भर करती है, न कि जमीनी परिचालन (underlying operational performance) पर।
ऑडिटर्स (auditors) ने 'गोइंग कंसर्न' (going concern) यानी कंपनी के भविष्य में चालू रहने की क्षमता को लेकर एक मटेरियल अनिश्चितता (material uncertainty) जताई है। कंपनी का नेट वर्थ (net worth) बुरी तरह नकारात्मक है और यदि एक बार के फायदों को हटा दिया जाए, तो कंपनी परिचालन में घाटे में ही रहेगी। FY26 के अंत तक कंपनी का इक्विटी ₹5,215.03 करोड़ नकारात्मक था।
क्या है पूरा मामला?
GTL Infrastructure लंबे समय से भारी कर्ज और वित्तीय मुश्किलों से जूझ रही है। कंपनी ने कई बार कर्ज पुनर्गठन (debt restructuring) के प्रयास किए हैं। ऑडिटर की 'गोइंग कंसर्न' वाली चेतावनी कर्जदाताओं, निवेशकों और अन्य हितधारकों के लिए बड़ी अनिश्चितता पैदा करती है।
सेक्टर में तुलना
इसी सेक्टर की एक दूसरी कंपनी, Indus Towers Limited, मजबूत वित्तीय स्थिति में है। Indus Towers ने FY24 में ₹27,178 करोड़ का रेवेन्यू और ₹7,327 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया था, और इसका नेट वर्थ सकारात्मक है। यह GTL Infra की स्थिति से काफी अलग तस्वीर पेश करता है।
