Gujarat State Petronet (GSPL): ₹77.76 करोड़ टैक्स डिमांड पर कंपनी का जोरदार खंडन, 'कैलकुलेशन में है गलती'

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gujarat State Petronet (GSPL): ₹77.76 करोड़ टैक्स डिमांड पर कंपनी का जोरदार खंडन, 'कैलकुलेशन में है गलती'
Overview

Income Tax Department ने Gujarat State Petronet Ltd. (GSPL) के लिए असेसमेंट ईयर 2024-25 का ऑर्डर जारी किया है, जिसमें **₹77.76 करोड़** का डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी का कहना है कि यह एक विभागीय कैलकुलेशन (Calculation) की गलती है, क्योंकि उनका टोटल इनकम **₹1435 करोड़** था, न कि **₹1683 करोड़** जैसा विभाग ने माना है।

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Gujarat State Petronet Ltd. (GSPL) ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से मिले एक ऑर्डर पर आपत्ति जताई है। यह ऑर्डर असेसमेंट ईयर 2024-25 (फाइनेंशियल ईयर 2023-24) से जुड़ा है, जिसमें ₹77.76 करोड़ की टैक्स डिमांड (ब्याज सहित) जारी की गई है। कंपनी का साफ तौर पर कहना है कि यह मामला विभाग द्वारा की गई कैलकुलेशन की एक गलती है, क्योंकि उनकी कुल आय ₹1435 करोड़ थी, जबकि विभाग ने इसे ₹1683 करोड़ बताया है।

GSPL के मुताबिक, यह डिमांड किसी गलती या नियमों के उल्लंघन की वजह से नहीं, बल्कि डिपार्टमेंट के अपने कैलकुलेशन में हुई चूक के कारण आई है। कंपनी अब इस गलती को सुधारने के लिए 'रेक्टिफिकेशन' (Rectification) फाइल करने और डिमांड पर 'स्टे' (Stay of Demand) लेने की तैयारी कर रही है। कंपनी को भरोसा है कि इस प्रक्रिया के बाद यह डिमांड रद्द हो जाएगी।

यह इनकम टैक्स ऑर्डर 23 मार्च 2026 को मिला था। कंपनी ने इस बड़े अंतर पर तुरंत ध्यान दिलाया है, जहां उनकी टोटल इनकम ₹1683 करोड़ के बजाय ₹1435 करोड़ बताई गई है।

हालांकि GSPL इस टैक्स डिमांड को गलत मान रही है, फिर भी ₹77.76 करोड़ की यह राशि एक संभावित वित्तीय देनदारी है। ऐसे टैक्स विवाद, भले ही कंपनी के अनुसार निराधार हों, निवेशकों की भावना पर असर डाल सकते हैं क्योंकि इसमें नियामक निकायों से निपटना शामिल होता है।

भारत के नेचुरल गैस इंफ्रास्ट्रक्चर में एक प्रमुख कंपनी GSPL, मुख्य रूप से गुजरात में गैस पाइपलाइन का एक विशाल नेटवर्क चलाती है। इस क्षेत्र में इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में GAIL (India) Ltd. शामिल है, जो देशभर में ट्रांसमिशन और मार्केटिंग करती है, और Adani Total Gas Ltd., जो सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पर केंद्रित है। कंपनी का टैक्स लिटिगेशन का इतिहास रहा है, जिसमें कुछ खर्चों को टैक्स के लिए अमान्य ठहराने वाले ट्रिब्यूनल ऑर्डर के खिलाफ अपीलें शामिल हैं। FY23 के लिए टैक्स मामलों से संबंधित आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities) सालाना रिपोर्टों में ₹500-600 करोड़ के बीच बताई गई थीं, जो टैक्स से जुड़े आकलन और विवादों के इतिहास को दर्शाती हैं।

ऑर्डर मिलने के बाद, GSPL असेसिंग ऑफिसर से गलती को सुधारने के लिए रेक्टिफिकेशन आवेदन फाइल करेगी और साथ ही डिमांड पर स्टे की मांग करेगी। कंपनी को विश्वास है कि रेक्टिफिकेशन की प्रक्रिया इस त्रुटिपूर्ण डिमांड को सुलझा देगी, और इस विवाद से उन्हें कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।

मुख्य जोखिम यह है कि यदि रेक्टिफिकेशन आवेदन विफल हो जाता है, तो डिमांड को बरकरार रखा जा सकता है, जिससे GSPL को ₹77.76 करोड़ का भुगतान करना पड़ सकता है। रेक्टिफिकेशन प्रक्रिया में देरी से अनिश्चितता भी बढ़ सकती है।

निवेशक रेक्टिफिकेशन और स्टे आवेदन दाखिल करने की दिशा में GSPL की प्रगति पर नजर रखेंगे। इन फाइलों के परिणाम और रेक्टिफिकेशन पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का अंतिम निर्णय महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.