यह कदम SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों, 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नतीजों की घोषणा से पहले कोई भी अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल करके शेयर की खरीद-बिक्री न हो सके। यह बाजार की अखंडता बनाए रखने के लिए एक रूटीन प्रक्रिया है। यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों (Q4 और FY26) की घोषणा के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।
हाल ही में GPT Infraprojects को NHAI और विभिन्न रेलवे प्रोजेक्ट्स से कई नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने Alcon Builders and Engineers Private Limited के अधिग्रहण के साथ अपनी क्षमताओं का विस्तार भी किया है। पिछले Q1 FY26 में कंपनी के रेवेन्यू में 32% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) में करीब 40% का उछाल आया था। मैनेजमेंट आने वाले सालों में 20-22% की स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है।
इस सेक्टर में Larsen & Toubro, Tata Projects, और Hindustan Construction Co. Ltd जैसी बड़ी कंपनियां भी इसी तरह के कदम उठाती हैं।