KMC से GPT Infraprojects के JV को मिला ₹3.89 करोड़ का अवार्ड
GPT Infraprojects Limited ने 2 अप्रैल, 2026 को इस बात की पुष्टि की है कि उनके जॉइंट वेंचर GPT-SMC JV को कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के खिलाफ आर्बिट्रेशन में ₹3.89 करोड़ का एक बड़ा अवार्ड मिला है। यह अवार्ड ढपा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए एक जेट्टी और रॉ वाटर पंपिंग स्टेशन के कंस्ट्रक्शन से जुड़े विवाद के समाधान का नतीजा है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया है कि इस वित्तीय सेटलमेंट का कंपनी की ओवरऑल फाइनेंशियल पोजीशन पर कोई निगेटिव असर नहीं पड़ेगा।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और कंपनी की क्षमता
GPT-SMC JV का ढपा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट से जुड़ाव, आर्बिट्रेशन के पुराने मामलों को दर्शाता है, जो सरकारी निकायों के साथ कांट्रैक्ट संबंधी दावों के समाधान में JV की क्षमता को दिखाता है। GPT Infraprojects के पास ऐसे विवादों को सफलतापूर्वक सुलझाने का ट्रैक रिकॉर्ड है। कंपनी की सब्सिडियरी Jogbani Highway (JHPL) ने पहले ही नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के खिलाफ ₹62 करोड़ का क्लेम जीता था। यह कंपनी लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल कर अपनी ऑपरेशनल क्षमता साबित कर रही है; उदाहरण के तौर पर, इसने हाल ही में मुंबई में ₹1,804.48 करोड़ का एक फ्लाईओवर प्रोजेक्ट और जोधपुर में ₹670 करोड़ का एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट हासिल किया है। 31 दिसंबर, 2025 तक GPT Infraprojects का कुल आउटस्टैंडिंग ऑर्डर बुक लगभग ₹4,655 करोड़ था, और 31 मार्च, 2026 तक इसकी मार्केट कैप लगभग ₹1,308 करोड़ दर्ज की गई थी।
इंडस्ट्री का नजरिया
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की अन्य प्रमुख कंपनियां जैसे Larsen & Toubro, Tata Projects, और Hindustan Construction Co. Ltd. भी अक्सर जटिल कांट्रैक्टुअल परिदृश्यों और विवाद समाधान से जूझती हैं। ऐसे में, आर्बिट्रेशन अवार्ड्स को कुशलता से हासिल करना और उन्हें भुनाना इस इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है।
