₹900 करोड़ का कैसा हुआ इस्तेमाल?
GMR Power and Urban Infra Ltd ने बताया है कि ₹1200 करोड़ के कुल प्रिफरेंशियल इश्यू में से ₹900 करोड़ का फंड, जो 31 मार्च 2026 तक मिल चुका था, उसका पूरा उपयोग हो चुका है। CARE Ratings Limited की रिपोर्ट के अनुसार, फंड का इस्तेमाल कंपनी के बताए गए उद्देश्यों के अनुसार ही किया गया है, जिसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इस ₹900 करोड़ की रकम को ऐसे बांटा गया:
- कंपनी के अपने बोरोइंग्स (Borrowings) के लिए: ₹334.64 करोड़
- सब्सिडियरीज़ (Subsidiaries) के बोरोइंग्स के लिए: ₹442.17 करोड़
- सब्सिडियरीज़ में निवेश (Infusion) के लिए: ₹100.00 करोड़
- जनरल कॉर्पोरेट पर्पसेस (General Corporate Purposes) के लिए: ₹23.19 करोड़
वित्तीय मजबूती की ओर बड़ा कदम
कंपनी और उसकी सब्सिडियरीज़ के कर्ज़ को कम करके, GMR Power अपनी फाइनेंशियल पोजीशन को मज़बूत कर रहा है। सब्सिडियरीज़ में किए गए निवेश से उनके ग्रोथ इनिशिएटिव्स (Growth Initiatives) और ऑपरेशन्स को सपोर्ट मिलेगा। शेयरहोल्डर्स (Shareholders) ने दिसंबर 2023 में ₹1200 करोड़ के प्रिफरेंशियल इश्यू को मंज़ूरी दी थी, जिसका मुख्य मकसद कंपनी का बैलेंस शीट (Balance Sheet) मज़बूत करना और भविष्य की ग्रोथ के लिए कैपिटल (Capital) जुटाना था।
आगे कितना फंड बचा है?
कुल इश्यू में से अभी भी लगभग ₹215.36 करोड़ कंपनी के बोरोइंग्स के लिए, ₹7.83 करोड़ सब्सिडियरीज़ के बोरोइंग्स के लिए, और ₹76.81 करोड़ जनरल कॉर्पोरेट पर्पसेस के लिए रखे गए हैं। इन बचे हुए फंड्स का सही और समय पर इस्तेमाल निवेशकों के लिए एक अहम पॉइंट होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर में GMR Power के कॉम्पिटिटर्स (Competitors) में Kalpataru Projects International Ltd (KPIL) और Thermax Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) और फंडिंग स्ट्रैटेजीज़ (Funding Strategies) पर काम करती हैं।
