FY26 में दमदार प्रदर्शन, पर कर्ज़ का साया
GHCL Textiles ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। पूरे साल के लिए कंपनी का कुल स्टैंडअलोन रेवेन्यू 14.27% बढ़कर ₹1,334.80 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹1,168.12 करोड़ था। इस दौरान कंपनी ने ₹70.37 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, और प्रति शेयर आय (EPS) ₹7.36 रही।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी कंपनी की परफॉरमेंस बेहतरीन रही। स्टैंडअलोन टोटल इनकम 31.37% बढ़कर ₹374.51 करोड़ पर पहुंच गई, जो Q4 FY25 में ₹285.08 करोड़ थी। तिमाही के दौरान नेट प्रॉफिट ₹27.66 करोड़ रहा, जिससे EPS ₹2.89 दर्ज किया गया।
बोर्ड ने ₹0.60 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड (Dividend) का भी प्रस्ताव दिया है। ऑडिटर ने वित्तीय स्टेटमेंट पर क्लीन ओपिनियन दिया है और कंपनी पर कोई डिफॉल्ट नहीं है। पूरे फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) बढ़कर ₹1,502.49 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹1,437.38 करोड़ थी।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
हालांकि नतीजे उत्साहजनक हैं, लेकिन कुछ चीजें हैं जिन पर निवेशकों को गौर करना होगा। कंपनी का शॉर्ट-टर्म बोर्रोइंग्स (Short-term Borrowings) या अल्पावधि का कर्ज पिछले साल के ₹60.60 करोड़ से दोगुना से भी ज्यादा बढ़कर ₹134.22 करोड़ हो गया है। इसके अलावा, FY26 में कुल खर्च बढ़कर ₹1,241.84 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹1,104.83 करोड़ था। यह बढ़त मुनाफावसूली पर असर डाल सकती है।
GHCL Textiles का यह प्रदर्शन टेक्सटाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे Vardhman Textiles (FY25 रेवेन्यू ₹11,167.42 करोड़), Raymond Ltd (FY25 रेवेन्यू ₹8,203.47 करोड़) और Arvind Ltd (FY25 रेवेन्यू ₹6,202.70 करोड़) की तुलना में देखें तो कंपनी डायनामिक मार्केट में अपनी जगह बना रही है। यह देखना अहम होगा कि कंपनी बढ़ते कर्ज को कैसे मैनेज करती है।
