GHCL लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की हाल ही में हुई मीटिंग में कई महत्वपूर्ण ऑडिटर नियुक्तियों को मंजूरी दी गई। इसमें सबसे खास है Deloitte Haskins & Sells LLP का चयन, जिन्हें 5 साल की लंबी अवधि के लिए कंपनी का स्टेटूटरी ऑडिटर बनाया गया है। यह टेन्योर फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से शुरू होकर 2030-31 तक चलेगा। इसके अलावा, SPMB & Co. LLP को इंटरनल ऑडिटर और R J GOEL & CO. को कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर अगले फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए नियुक्त किया गया है।
किसी प्रतिष्ठित फर्म जैसे डेलॉइट को इतने लंबे टेन्योर के लिए ऑडिटर नियुक्त करने से कंपनी के फाइनेंशियल ओवरसाइट और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में स्थिरता का संकेत मिलता है। इससे निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग की ईमानदारी पर भरोसा बढ़ता है।
GHCL, जो इनऑर्गेनिक केमिकल्स और टेक्सटाइल्स के कारोबार में है, ने हाल ही में 30 जून 2024 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए नेट लॉस (Net Loss) और क्वालिफाइड ऑडिट ओपिनियन (Qualified Audit Opinion) की रिपोर्ट पेश की थी। पिछला स्टेटूटरी ऑडिटर S.R. Batliboi & Co. LLP था, जिसने FY 2016-17 से FY 2021-22 तक सेवाएं दी थीं। वहीं, R J GOEL & CO. लंबे समय से GHCL के साथ कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर जुड़ा हुआ है।
अब आगे की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया शेयरधारकों की मंजूरी हासिल करना है। यह नियुक्ति, आने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से पास होनी चाहिए। यह बदलाव पिछले ऑडिटर के कार्यकाल के समाप्त होने का प्रतीक है और एक नई फर्म के साथ लंबी अवधि के लिए ऑडिट प्रक्रियाओं में स्थिरता लाने का लक्ष्य है। इंटरनल और कॉस्ट ऑडिटर की नियुक्तियां भी ऑपरेशनल कंप्लायंस और कॉस्ट मैनेजमेंट के लिए जरूरी हैं। हालिया क्वालिफाइड ऑडिट ओपिनियन और नेट लॉस को देखते हुए, निवेशक इन नियुक्तियों की ऑडिटर इंडिपेंडेंस और इफेक्टिवनेस पर बारीकी से नजर रखेंगे।
