GE Vernova T&D India: CFO सुशील कुमार का कार्यकाल बढ़ा, ऑडिटर की भी हुई नियुक्ति!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
GE Vernova T&D India: CFO सुशील कुमार का कार्यकाल बढ़ा, ऑडिटर की भी हुई नियुक्ति!
Overview

GE Vernova T&D India Ltd के शेयरधारकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। कंपनी के बोर्ड ने अपने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) सुशील कुमार के कार्यकाल को अगले **पांच साल** के लिए बढ़ा दिया है। साथ ही, **Deloitte Haskins & Sells** को भी अगले **पांच साल** के लिए ऑडिटर नियुक्त किया गया है।

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बोर्ड का बड़ा फैसला: नेतृत्व और गवर्नेंस में स्थिरता

GE Vernova T&D India Ltd के बोर्ड ने 18 मई 2026 को हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया। कंपनी ने Deloitte Haskins & Sells को अगले पांच साल के लिए अपना वैधानिक ऑडिटर (Statutory Auditor) बनाए रखने की मंजूरी दी है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगी।

सुशील कुमार की CFO पद पर वापसी

कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि मिस्टर सुशील कुमार का होल टाइम डायरेक्टर और CFO के तौर पर कार्यकाल पांच साल के लिए बढ़ाया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगा और 31 दिसंबर 2031 तक जारी रहेगा। मिस्टर कुमार जुलाई 2022 से इस पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

नए निदेशक की भी हुई नियुक्ति

इसके अलावा, मिस्टर मार्को सिमिनियानो को 1 जुलाई 2026 से अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के तौर पर नियुक्त किया गया है। बोर्ड ने रमननाथ अय्यर एंड कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) भी नियुक्त किया है।

इन नियुक्तियों का महत्व

ये नियुक्तियां कंपनी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मानकों को बनाए रखने और नेतृत्व में स्थिरता लाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। एक अनुभवी ऑडिटर और CFO का कार्यकाल बढ़ना यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी दीर्घकालिक रणनीति और वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

आगे क्या?

अब इन सभी नियुक्तियों को अंतिम रूप देने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी जाएगी। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि शेयरधारक इन प्रस्तावों को कैसे स्वीकार करते हैं।

संभावित जोखिम

इन नियुक्तियों को लेकर मुख्य जोखिम यह है कि यदि शेयरधारक इन्हें अस्वीकार कर देते हैं, तो कंपनी को नए ऑडिटर या निदेशक की तलाश करनी पड़ सकती है। इसके अलावा, अप्रत्याशित नियामक जांच या नियमों में बदलाव भी इन नियुक्तियों को प्रभावित कर सकते हैं।

इंडस्ट्री के रुझान

भारत के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में KEC International Ltd, Skipper Ltd और CG Power and Industrial Solutions Ltd जैसी बड़ी कंपनियां भी इसी तरह के स्थापित ऑडिटर संबंधों और बोर्ड संरचनाओं के साथ काम करती हैं, जो इंडस्ट्री के गवर्नेंस मानकों को दर्शाते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.