बोर्ड का फैसला: ऑडिट में दिखेगी निरंतरता
GE T&D India लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 11 मई, 2026 को हुई मीटिंग में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने Deloitte Haskins & Sells को स्टेट्यूटरी ऑडिटर के तौर पर अगले 5 साल की अवधि के लिए फिर से नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह सिफारिश शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी, जिसे कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पेश किया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए Ernst & Young LLP को इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) और Yogesh Gupta & Associates को कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) के रूप में भी नियुक्त किया है। इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य ऑडिट में निरंतरता सुनिश्चित करना और कंपनी के फाइनेंशियल ओवरसाइट (Financial Oversight) को मजबूत करना है, जिससे बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) स्थापित हो सके।
GE T&D India, जिसे पहले GE Power India Limited के नाम से जाना जाता था, भारत के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में एक प्रमुख खिलाड़ी है। कंपनी का यह रीब्रांडिंग पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सॉल्यूशंस पर इसके बढ़ते फोकस को दर्शाता है।
निवेशक अब शेयरधारकों की वोटिंग का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि स्टेट्यूटरी ऑडिटर की नियुक्ति के लिए यह एक अहम कदम है। कंपनी अपने फाइनेंशियल ओवरसाइट को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
