GE Power India Limited ने 12 मई 2026 को शाम 4:00 बजे IST एक अहम कॉन्फ्रेंस कॉल का ऐलान किया है। इस कॉल का मुख्य मकसद 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) और चौथी तिमाही के कंपनी के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की समीक्षा करना है।
ये कॉन्फ्रेंस कॉल निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि मैनेजमेंट यहीं कंपनी की वित्तीय सेहत, परिचालन प्रदर्शन और भविष्य की रणनीतियों पर सीधी जानकारी देता है। इस मंच पर कंपनी अपने वित्तीय आंकड़ों को विस्तार से बताएगी और निवेशकों के सवालों के जवाब भी देगी।
कंपनी फिलहाल एक बड़े टर्नअराउंड (Turnaround) से गुजर रही है। GE Power India अपने बिजनेस को ऐसे सर्विस मॉडल (Service Model) की ओर ले जा रही है, जिससे मार्जिन (Margin) और कैश (Cash) में बढ़ोतरी हो। इसका लक्ष्य अगले दो सालों में डबल-डिजिट EBITDA हासिल करना है। हालिया प्रदर्शन में कंपनी ने रेवेन्यू (Revenue) को स्थिर करने और घाटे को कम करने के प्रयास किए हैं।
हाल ही में कंपनी ने BHEL के साथ ₹3,400 मिलियन का एक बड़ा सेटलमेंट (Settlement) किया है। इसके अलावा FGD कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़े कुछ और समझौते भी हुए हैं। हालांकि, JPVL Bina और Nigrie जैसे कुछ FGD/EP कॉन्ट्रैक्ट्स (जिनकी वैल्यू ₹775 करोड़ थी) के खत्म होने के बाद कंपनी का ऑर्डर बैक लॉग (Order Backlog) कुछ कम हुआ है।
इस कॉल में शेयरधारकों को FY26 के लिए GE Power India की लाभप्रदता (Profitability) और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। मैनेजमेंट की टिप्पणियों से कंपनी के मुख्य सर्विस बिजनेस की स्थिरता पर भी प्रकाश पड़ सकता है। साथ ही, दुर्गापुर फैसिलिटी (Durgapur facility) के डीमर्जर (Demerger) और अन्य रणनीतिक पहलों पर भी अपडेट मिल सकते हैं। निवेशक कंपनी की ऑर्डर बुक और कर्ज के स्तर को संभालने की प्रगति को आंकने की कोशिश करेंगे।
पिछले एक साल में GE Power India के रेवेन्यू में -1% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखी गई है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का ऑर्डर बैक लॉग ₹1,671 करोड़ था। वहीं, दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तिमाही के लिए, जारी परिचालन से लाभ (Profit Before Tax) ₹131 करोड़ रहा।
GE Power India पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL), सीमेंस इंडिया (Siemens India), और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) शामिल हैं।
निवेशकों को 12 मई 2026 को होने वाली इस कॉन्फ्रेंस कॉल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस दौरान कंपनी के वित्तीय खुलासे और मैनेजमेंट की गहरी जानकारी सामने आएगी। कंपनी की नई ऑर्डर्स हासिल करने और सर्विस सेगमेंट को बढ़ाने की क्षमता मुख्य फोकस में रहेगी। दुर्गापुर फैसिलिटी के डीमर्जर की प्रगति और उसके वित्तीय प्रभावों पर भी नज़र रखी जाएगी। निवेशक कंपनी के मुनाफे में सुधार, ऑर्डर बैक लॉग प्रबंधन और किसी भी चल रहे सेटलमेंट या मुकदमेबाजी के अपडेट पर भी ध्यान देंगे, जो वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
