Fujiyama Power की बड़ी चाल: Zayo यूनिट्स में हिस्सेदारी खरीदकर वैल्यू चेन को मिलेगी मजबूती
Fujiyama Power Systems लिमिटेड ने अपनी रणनीतिक बढ़त को मजबूत करते हुए Zayo Energy Private Limited (ZEPL) और Zayo Cables Private Limited (ZCPL) में 31% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने का निर्णय लिया है। इस कदम से कंपनी अपनी वैल्यू चेन को मजबूत करने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन (backward integration) को बढ़ावा देने की तैयारी में है।
अधिग्रहण का पूरा ब्योरा
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹31,000 प्रति कंपनी की दर से यह हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। यह अधिग्रहण पूरा होने पर, Fujiyama Power Systems की ZEPL और ZCPL दोनों में कुल शेयरहोल्डिंग 50% तक पहुंच जाएगी, जिससे ये कंपनियां 'एसोसिएट कंपनी' (associate companies) बन जाएंगी। Fujiyama Power को उम्मीद है कि यह डील अगले 30 दिनों में अंतिम रूप ले लेगी।
ZEPL और ZCPL का योगदान
ZEPL, सोलर पैनल के अहम कंपोनेंट्स जैसे EVA शीट्स, जंक्शन बॉक्स और बैकशीट बनाने का काम करती है। वहीं, ZCPL, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक तारें व केबल (wires and cables) के उत्पादन में सक्रिय है। इन कंपनियों को साथ लाने का मतलब है कि Fujiyama Power अब इन महत्वपूर्ण पुर्जों और कंपोनेंट्स के उत्पादन पर सीधे नियंत्रण रख सकेगी।
कंपनी की व्यापक रणनीति
यह अधिग्रहण Fujiyama Power की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन पर पकड़ मजबूत करने की बड़ी योजना का हिस्सा है। इससे पहले, कंपनी ने जनवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के दादरी में करीब ₹300 करोड़ के निवेश से 1 GW क्षमता वाली सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी चालू की थी, जिसे वह आंतरिक उपयोग के लिए इस्तेमाल करेगी। यह कदम सोलर सेल और मॉड्यूल प्रोडक्शन के बीच तालमेल को और बेहतर बनाएगा।
वित्तीय पहलुओं पर नजर
हालिया तिमाही (दिसंबर 2025) के नतीजों में Fujiyama Power Systems ने ₹588.5 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) और ₹67.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। इन सहायक कंपनियों को अपने साथ लाने से Fujiyama को न केवल लागत प्रबंधन (cost management) में मदद मिलेगी, बल्कि यह प्रॉफिट मार्जिन को भी बेहतर कर सकता है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, इस रणनीतिक कदम के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। मार्च 2026 में, Bureau of Indian Standards (BIS) ने Fujiyama की ग्रेटर नोएडा फैसिलिटी से ₹2.52 करोड़ के उत्पाद मानक अनुरूप न होने के कारण जब्त किए थे। कंपनी के अनुसार, इसका वित्तीय प्रभाव नगण्य है, पर यह नियामक जांच (regulatory scrutiny) का संकेत है। इसके अलावा, ZEPL और ZCPL दोनों ने पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में 'शून्य' (nil) टर्नओवर रिपोर्ट किया है, जो बताता है कि इन कंपनियों को सक्रिय और लाभदायक बनाने में समय लग सकता है।
प्रतिस्पर्धी परिदृश्य
Fujiyama Power Systems जिस बाजार में काम करती है, वह काफी प्रतिस्पर्धी है। तार और केबल सेगमेंट में Polycab India Ltd और KEI Industries Ltd जैसे बड़े नाम हैं, जबकि सोलर पैनल कंपोनेंट्स के क्षेत्र में Waaree Energies Ltd और Tata Power Solar Systems Ltd जैसी कंपनियां प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि Fujiyama Power इस अधिग्रहण को कितनी जल्दी पूरा करती है और इन नई एसोसिएट कंपनियों के साथ तालमेल कैसे बिठाती है। इन ऑपरेशन्स के सफल एकीकरण (integration) से प्राप्त होने वाली सिनर्जी (synergy) और बैकवर्ड इंटीग्रेशन के लाभ भविष्य में कंपनी के प्रदर्शन को आकार देंगे। BIS जांच से जुड़े अपडेट्स पर भी निगाहें रहेंगी।
