Flomic Global Logistics Limited के बोर्ड ने सुरेश सालियन को एक और 5 साल के लिए स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के तौर पर पुनः नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी। 30 से अधिक वर्षों का बिजनेस मैनेजमेंट का अनुभव रखने वाले सालियन, कंपनी के बोर्ड में स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यह पुनः नियुक्ति कॉर्पोरेट गवर्नेंस के लिए एक अहम कदम है, जो कंपनी को निष्पक्ष दृष्टिकोण और बेहतर निगरानी प्रदान करेगा। Flomic Global Logistics के लिए, यह नेतृत्व में निरंतरता और बोर्ड संरचना के लिए रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हाल के दिनों में, Flomic Global Logistics के बोर्ड में कुछ बदलाव हुए हैं। अगस्त 2024 में आनंदा बबन घुंगारडे को स्वतंत्र निदेशक और फरवरी 2025 में अभिनंदन गुप्ता को सीएफओ (CFO) के तौर पर नियुक्त किया गया था। वहीं, अगस्त 2024 में रजित उपाध्याय ने डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया और फरवरी 2025 में सत्यप्रकाश पाठक सीएफओ (CFO) पद से हट गए। इसके अतिरिक्त, फरवरी 2026 में एंथनी पॉल केनेडी चेट्टियार को 5 साल के कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया था।
शेयरधारकों की अगली जनरल मीटिंग में सालियन की पुनः नियुक्ति पर वोटिंग होगी, जिसके बाद उनका दूसरा कार्यकाल अंतिम रूप से तय होगा। उनके व्यापक बिजनेस मैनेजमेंट अनुभव से कंपनी के ऑपरेशंस को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बोर्ड में नियुक्तियां विश्वास का संकेत देती हैं, Flomic Global Logistics को अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी को असेसमेंट ईयर 2020-21 के लिए ₹10.62 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, जिसे कंपनी चुनौती देने की योजना बना रही है।
भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में प्रमुख कंपनियों में Container Corporation of India (CONCOR), Delhivery, और Mahindra Logistics शामिल हैं। ये कंपनियां भी उद्योग की जटिलताओं से निपटने के लिए अनुभवी नेतृत्व और मजबूत गवर्नेंस पर जोर देती हैं।
Flomic Global Logistics लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सक्रिय है, जो फ्रेट फॉरवर्डिंग, कस्टम्स क्लीयरेंस, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्टेशन जैसी सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का पूरे भारत में शाखाओं और गोदामों का नेटवर्क है, साथ ही ग्लोबल पार्टनरशिप्स भी हैं।
निवेशक अगली जनरल मीटिंग में शेयरधारकों द्वारा सालियन की पुनः नियुक्ति के अनुमोदन के परिणाम पर करीब से नजर रखेंगे। इसके अलावा, कंपनी की रणनीतिक पहलों और इनकम टैक्स डिमांड नोटिस पर कंपनी के जवाब की भी निगरानी की जाएगी।
