क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
यह कदम SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के नियमों का पालन करते हुए उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कंपनी के अंदरूनी लोगों या उनसे जुड़ी जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति को, शेयर के भाव में हलचल मचाने वाली गोपनीय जानकारी (price-sensitive information) के सार्वजनिक होने से पहले, कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग करने से रोकना है।
कैसे लागू होगी पाबंदी?
इस ट्रेडिंग पर रोक लगाने के लिए, इन निश्चित व्यक्तियों के परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) को डेजिग्नेटेड डिपॉजिटरी द्वारा फ्रीज़ कर दिया जाएगा। यह एक सिस्टम-लेवल की रोक होगी, जिससे Fiberweb India के इक्विटी शेयर में कोई भी खरीद-बिक्री नहीं हो सकेगी, जब तक कि ट्रेडिंग विंडो को आधिकारिक तौर पर फिर से नहीं खोला जाता।
कंपनी का कारोबार
Mumbai की Fiberweb (India) Limited पॉलीप्रोपाइलीन से बने स्पन बॉन्ड और मेल्ट-ब्लोन नॉन-वोवन फैब्रिक्स (nonwoven fabrics) की जानी-मानी निर्माता है। कंपनी 100% एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड यूनिट (export-oriented unit) के तौर पर काम करती है और हाइजीन, मेडिकल, ऑटोमोटिव और एग्रीकल्चर जैसे प्रमुख सेक्टरों को अपनी सेवाएं देती है। कंपनी के उत्पादन का लगभग 75% हिस्सा ग्लोबली एक्सपोर्ट होता है।
पिछला रेगुलेटरी फोकस
हाल के समय में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है और यह विस्तार योजनाओं पर भी काम कर रही है। हालांकि, 2017 में SEBI ने कंपनी के शेयरधारिता खुलासे (shareholding disclosures) से जुड़े टेकओवर और इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के कथित उल्लंघन के संबंध में एक एडजुडिकेशन ऑर्डर (adjudication order) जारी किया था।
हालिया वित्तीय नतीजे
लेटेस्ट रिपोर्ट किए गए क्वार्टर (Q3 FY26) के अनुसार, Fiberweb India ने ₹4 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.6% अधिक है। वहीं, क्वार्टरली रेवेन्यू ₹26 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 2.7% बढ़ा है।
आगे क्या?
निवेशकों की नज़रें अब उस बोर्ड मीटिंग की तारीख पर टिकी होंगी जब FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स घोषित किए जाएंगे। कंपनी की विस्तार योजनाओं और SEBI के अनुपालन (compliance) को लेकर उसकी निरंतरता पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
