वित्त वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के लिए Fabtech Technologies Cleanrooms Limited के कंसोलिडेटेड नतीजे बाजार को उत्साहित करने वाले रहे। कंपनी की कंसोलिडेटेड आय पिछले साल के ₹15,003.19 लाख की तुलना में 46% की छलांग लगाकर ₹21,932.42 लाख (₹219.32 करोड़) पर पहुंच गई। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 10.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹1,329.56 लाख (₹13.30 करोड़) रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹1,204.18 लाख था।
हालांकि, स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर कंपनी का प्रदर्शन थोड़ा मिला-जुला रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में मामूली 2% की बढ़त के साथ यह ₹14,186.13 लाख (₹141.86 करोड़) पर पहुंचा। लेकिन, स्टैंडअलोन PAT में 24.8% की गिरावट आई, जो ₹905.73 लाख (₹9.06 करोड़) पर आ गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹1,204.18 लाख था।
इसके अलावा, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए M/s. Bathiya Advisors LLP को आंतरिक ऑडिटर (Internal Auditor) के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। वहीं, कंपनी का ₹3.98 करोड़ का प्रेफरेंशियल इक्विटी इश्यू के जरिए फंड जुटाने का प्रस्ताव अभी भी जारी है, जो फरवरी 2026 में प्रस्तावित किया गया था।
कंपनी की मजबूत कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस से पता चलता है कि फार्मा, हेल्थकेयर और बायोटेक जैसे सेक्टर्स में Fabtech के क्लीनरूम सॉल्यूशंस की डिमांड काफी ज्यादा है। ₹3.98 करोड़ का फंड जुटाने का यह प्रोसेस अगर पूरा हो जाता है, तो यह कंपनी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कंपनी ने हाल ही में जनवरी 2026 में UAE में अपनी सहायक कंपनी Fabtech Technologies Cleanrooms-FZE का गठन किया है, ताकि मध्य पूर्व में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इसी दौरान, कंपनी को एक बड़े सौर ऊर्जा निर्माता से $3.66 मिलियन (लगभग ₹30 करोड़) का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है, जिसके अप्रैल 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी को अपने 78% रेवेन्यू के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर रहना पड़ता है, जो कि क्षेत्रीय भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रति इसे संवेदनशील बनाता है। नए आंतरिक ऑडिटर की नियुक्ति वित्तीय पारदर्शिता और अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
निवेशकों को ₹3.98 करोड़ के प्रेफरेंशियल फंडरेज़ की प्रगति, UAE सब्सिडियरी के प्रदर्शन, और सौर ऊर्जा क्षेत्र के कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाले वित्तीय नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स के बीच के अंतर और ऑर्डर बुक में होने वाली वृद्धि पर भी ध्यान देना अहम होगा।
