Fabtech Technologies Cleanrooms Limited ने FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जिसमें टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू में शानदार बढ़त देखी गई है, लेकिन बॉटम-लाइन यानी प्रॉफिट में गिरावट दर्ज हुई है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 47% बढ़कर ₹221.72 करोड़ रहा। इसके विपरीत, कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 24.75% घटकर ₹9.06 करोड़ रह गया।
यह गिरावट कंपनी द्वारा डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और सोलर टेक्नोलॉजी जैसे नए और कम मार्जिन वाले सेक्टर्स में क्षमता विस्तार और क्रेडेंशियल-बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स में किए गए स्ट्रेटेजिक निवेशों के कारण आई है।
इसके अलावा, कंपनी को Altair के Advantek में विलय से जुड़ा ₹1 करोड़ का लेगेसी इंपैक्ट और NCLT ऑर्डर के जरिए राइट-ऑफ किए गए ₹84 लाख के संडी डेटर्स (sundry debtors) का भी एक बार का असर झेलना पड़ा।
यह Fabtech के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव है, क्योंकि कंपनी अब पारंपरिक फार्मा क्लीनरूम के फोकस से आगे बढ़कर इन हाई-ग्रोथ मार्केट्स में पैठ बना रही है। कंपनी ने दक्षिणी बाजारों को सेवा देने के लिए हैदराबाद में एक नई सुविधा भी स्थापित की है।
मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में रेवेन्यू 20% से 40% के बीच बढ़ेगा। कंपनी का मौजूदा ऑर्डर बुक ₹199 करोड़ का है, जिसके जल्द ही ₹275-300 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। जुलाई 2026 तक ₹68 करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट के चालू होने की भी संभावना है।
हालांकि, कंपनी ने वर्तमान वर्ष के लिए वर्किंग कैपिटल (working capital) पर तनाव की बात कही है, क्योंकि यह हाई डिमांड को पूरा करने के लिए तेजी से विस्तार कर रही है। सप्लाई चेन में रुकावटें और लागत में वृद्धि, खासकर मेटल्स और एनर्जी के लिए, महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं, जिनका प्रबंधन प्राइस रिवीजन और कॉन्ट्रैक्टुअल क्लॉज़ के जरिए किया जा रहा है। जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं और मटीरियल की कमी भी प्रोजेक्ट में देरी का कारण बन सकती है।
Fabtech का यह डाइवर्सिफिकेशन इसे सोलर सेक्टर में Sterling and Wilson Renewable Energy जैसे प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा में खड़ा करता है। वहीं, इसके व्यापक EPC महत्वाकांक्षाएं KEC International जैसे डाइवर्सिफाइड प्लेयर्स के बराबर हैं।
