रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे पर लगी मार
Exxaro Tiles के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 5 मई 2026 को हुई मीटिंग में FY2026 के नतीजों को मंजूरी दी। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY23) के ₹254.29 करोड़ से बढ़कर ₹304.90 करोड़ हो गया। हालांकि, इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹4.16 करोड़ से गिरकर ₹2.83 करोड़ पर आ गया। स्टैंडअलोन बेसिस पर, रेवेन्यू ₹281.82 करोड़ रहा और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹2.11 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' दिया है, जिसका मतलब है कि नतीजों में कोई बड़ी गलती नहीं पाई गई।
वर्किंग कैपिटल की चिंताएं जारी
प्रॉफिट में गिरावट कई कारणों से हो सकती है, जैसे मार्जिन पर दबाव या बढ़ी हुई ऑपरेशनल लागत। इसके अलावा, कंपनी को लगातार वर्किंग कैपिटल की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगस्त 2025 में, Crisil Ratings ने कंपनी की लिक्विडिटी में खिंचाव और लंबे वर्किंग कैपिटल साइकिल (ज्यादा रिसीवेबल्स और इन्वेंट्री) के कारण उसकी बैंक फैसिलिटीज को डाउनग्रेड कर दिया था। अप्रैल 2026 में, MarketsMojo ने भी 'स्ट्रांग सेल' रेटिंग दी थी, जिसमें वित्तीय रुझानों में ठहराव, कमजोर क्वालिटी मेट्रिक्स और 5 साल में निगेटिव ऑपरेटिंग प्रॉफिट CAGR का हवाला दिया गया था। टाइल इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ा जोखिम बनी हुई है।
इंडस्ट्री में तुलना
टाइल इंडस्ट्री काफी कॉम्पिटिटिव है। Exxaro Tiles का FY26 का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹304.90 करोड़ है, जो इंडस्ट्री के लीडर्स जैसे Kajaria Ceramics (FY24 में ₹4,076.25 करोड़ रेवेन्यू, ₹421.29 करोड़ PAT), Somany Ceramics (FY24 में ₹2,489.93 करोड़ रेवेन्यू, ₹98.47 करोड़ PAT) और Orient Bell (FY24 में ₹1,049.38 करोड़ रेवेन्यू, ₹51.18 करोड़ PAT) से काफी कम है।
निवेशक आगे की तिमाही के नतीजों पर नजर रखेंगे कि क्या कंपनी रेवेन्यू ग्रोथ को बेहतर मुनाफे में बदल पाती है। मैनेजमेंट की वर्किंग कैपिटल चुनौतियों और मार्जिन प्रेशर को दूर करने की रणनीतियों, कंपनी की लिक्विडिटी और कॉम्पिटिटिव पोजिशनिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा, बोर्ड ने मिस्टर मितेश कोष्टी की फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इंटरनल ऑडिटर के तौर पर फिर से नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है।
