Exide Industries: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹1,111 Cr मुनाफा, ₹2 डिविडेंड का ऐलान!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Exide Industries: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹1,111 Cr मुनाफा, ₹2 डिविडेंड का ऐलान!
Overview

Exide Industries ने **फाइनेंशियल ईयर 2026** के अपने नतीजे पेश कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने **₹1,111 करोड़** से ज़्यादा का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया है। साथ ही, बोर्ड ने **₹2 प्रति शेयर** के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।

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Exide Industries के FY26 नतीजे: दमदार परफॉरमेंस

Exide Industries Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹17,268.92 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1,111.33 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) हासिल किया है। कंसोलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, कंपनी का प्रॉफिट ₹859.92 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹17,995.35 करोड़ तक पहुंचा।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद दिया जाएगा। यह मंजूरी 10 जुलाई, 2026 को होने वाली 79वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मांगी जाएगी।

भविष्य की ओर बड़ा कदम: लिथियम-आयन प्लांट

Exide की यह शानदार परफॉरमेंस उसके कोर ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल बैटरी बिज़नेस की मज़बूती को दिखाती है। रणनीतिक रूप से, कंपनी अपनी सब्सिडियरी Exide Energy Solutions Limited (EESL) के ज़रिए नई ऊर्जा (New Energy) मार्केट्स में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

EESL के लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। मार्च 2026 तक, Exide ने EESL में कुल ₹4,802.23 करोड़ का निवेश किया है। यह इन्वेस्टमेंट भारत के तेज़ी से बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और एनर्जी स्टोरेज सेक्टर्स का फायदा उठाने के लिए कंपनी को मज़बूत स्थिति में लाता है।

EESL बेंगलुरु में एक बड़े स्केल का लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट विकसित कर रही है, जिसकी कैपेसिटी मल्टी-गिगावाट-आवर (GWh) प्रोडक्शन की होगी। यह प्लांट भारत की बढ़ती EV और अन्य एप्लीकेशन्स की मांग को पूरा करेगा।

लागत दबाव और जोखिम

हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। वेस्ट एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) की वजह से कमोडिटी और फ्रेट कॉस्ट (Freight Costs) में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, रुपये में आई गिरावट (Currency Depreciation) ने इनपुट कॉस्ट को और बढ़ा दिया है। ये फैक्टर कंपनी के इनपुट कॉस्ट और एक्सपोर्ट बिज़नेस पर असर डाल रहे हैं, साथ ही शिपिंग रूट में संभावित रुकावटें भी चिंता का विषय हैं।

आगे क्या देखना है?

इन्वेस्टर्स ₹2 प्रति शेयर के डिविडेंड की मंजूरी पर नज़र रखेंगे। EESL के लिथियम-आयन सेल प्लांट की प्रगति, जिसमें FY27 की पहली तिमाही तक कस्टमर सैंपल डिलीवरी की उम्मीद है, पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी के मुख्य बिज़नेस सेगमेंट्स (जैसे ऑटो OEM, इन्वर्टर, सोलर) के परफॉरमेंस और मैनेजमेंट द्वारा लागत दबावों व मुद्रा अस्थिरता से निपटने की रणनीति पर भी बारीकी से नज़र रहेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.