AGM में क्या होगा खास?
15 मई, 2026 को होने वाली यह वर्चुअल AGM, जिसमें सभी शेयरधारक ऑनलाइन जुड़ेंगे, कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगी। शेयरधारकों के एजेंडे में कई अहम प्रस्ताव शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MOA) में बदलाव का प्रस्ताव, ताकि EV सेक्टर में व्यवसाय को औपचारिक रूप से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही, बोर्ड को ₹2,000 करोड़ तक निवेश करने और ₹1,000 करोड़ तक का लोन लेने की मंज़ूरी भी मांगी जाएगी।
रणनीतिक बदलाव की ओर इवेक्सिया लाइफकेयर
यह AGM इवेक्सिया लाइफकेयर के लिए एक बड़े रणनीतिक मोड़ का संकेत दे सकती है। कंपनी, जो अब तक फार्मास्युटिकल ट्रेडिंग और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रही है, तेजी से बढ़ते EV मार्केट में उतरने की तैयारी में है। इस बड़े कदम के लिए भारी पूंजी और खास विशेषज्ञता की ज़रूरत होगी। प्रस्तावित फंड लिमिट कंपनी की नई दिशा के प्रति गंभीरता को दर्शाती है।
बदलता रहा है कंपनी का मिजाज
गौरतलब है कि इवेक्सिया लाइफकेयर, जो पहले रघुवीर सिंथेटिक्स लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी, अपने इतिहास में कई बार अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर चुकी है। डायमंड ट्रेडिंग जैसे क्षेत्रों में भी कंपनी पहले कदम रख चुकी है। फार्मा और केमिकल्स के वर्तमान कारोबार से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में जाना एक बड़ा अलगाव होगा, जिसके लिए नई क्षमताएं विकसित करनी होंगी।
शेयरधारकों का होगा अंतिम निर्णय
कंपनी की रणनीतिक दिशा, खासकर EV मार्केट में महत्वाकांक्षी कदम, शेयरधारकों के वोट पर निर्भर करेगी। MOA में बदलाव और फंडिंग प्रस्तावों को मंज़ूरी मिलने पर मैनेजमेंट EV मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की ओर बढ़ सकेगा। मैनेजिंग डायरेक्टर, मिस्टर जयेश रैचंदाभाई ठक्कर की तीन साल के लिए फिर से नियुक्ति जैसे सामान्य एजेंडे पर भी वोटिंग होगी।
राह में चुनौतियां और वित्तीय संकेत
EV सेक्टर में ग्रोथ की अपार संभावनाएं होने के बावजूद, इवेक्सिया लाइफकेयर के सामने महत्वपूर्ण एक्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) हैं। फार्मास्युटिकल ट्रेडिंग का अनुभव EV मैन्युफैक्चरिंग की जटिलताओं से काफी अलग है। कंपनी का पिछला वित्तीय प्रदर्शन भी कुछ चुनौतियां पेश करता है: ऐतिहासिक रूप से कम सेल्स ग्रोथ, कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और ज्यादा डेटर डेज़ (debtor days) इसकी कुछ प्रमुख समस्याएं हैं। प्रमोटर होल्डिंग (promoter holding) में भी हाल के वर्षों में गिरावट आई है। ₹2,000 करोड़ जुटाना और उनका सही इस्तेमाल करने के लिए मजबूत वित्तीय प्रबंधन और प्लानिंग की ज़रूरत होगी।
प्रतिस्पर्धी कौन?
जबकि इवेक्सिया लाइफकेयर EV स्पेस में नई राह तलाश रही है, इस क्षेत्र के स्थापित खिलाड़ियों में Tata Motors, Mahindra & Mahindra और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित Exicom Tele-Systems जैसी कंपनियां शामिल हैं।
हालिया वित्तीय प्रदर्शन
हालिया नतीजों की बात करें तो, Evexia Lifecare ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ₹0.29 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले क्वार्टर की तुलना में 141.67% की बढ़ोतरी है। वहीं, जून 2025 को समाप्त तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹0.63 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर से 162.50% ज्यादा था।
आगे क्या देखें?
15 मई की AGM में शेयरधारकों द्वारा EV विस्तार और फंडिंग लिमिट्स पर लिए जाने वाले निर्णय मुख्य ट्रिगर होंगे। कंपनी की EV मैन्युफैक्चरिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और संभावित पार्टनरशिप्स के रोडमैप पर विशेष घोषणाओं पर नज़र रखें। AGM में अपनाए जाने वाले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के विस्तृत वित्तीय नतीजे कंपनी के मौजूदा प्रदर्शन की जानकारी देंगे।
